केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को लेकर आम चुनाव से पहले लोगों को राहत देने के संकेत दिए हैं. उन्होंने अपनी एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा है, ‘जीएसटी की 28 फीसदी वाली दर का सूरज डूब रहा है. इसे जल्दी ही पूरी तरह खत्म किया जा सकता है.’ इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने बताया, ‘आने वाले समय में देश को जल्द ही 12 और 15 फीसदी वाली जीएसटी दरों से भी मुक्ति मिल सकती है. इनकी जगह इनके बीच की कोई दर लागू की जा सकती है.’

लाल कृष्ण आडवाणी ने नरेंद्र मोदी को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी से मतभेद की बात मानी
वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने नरेंद्र मोदी को लेकर अटल बिहारी वाजपेयी के साथ मतभेद होने की बात स्वीकार की है. नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक उनका कहना है कि गुजरात दंगों (2002) के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा मांगने को लेकर वाजपेयी के साथ उनके मतभेद थे. लाल कृष्ण आडवाणी ने यह खुलासा एक पत्रिका के अपने लेख में किया है. इसमें उन्होंने लिखा है, ‘मेरी राय में मोदी अपराधी नहीं थे बल्कि, वे स्वयं राजनीति के शिकार हो गए थे.’ आडवाणी ने बताया कि गुजरात के दंगों के बाद वाजपेयी के मन पर काफी बोझ था. उन्होंने आगे लिखा है कि वाजपेयी नरेंद्र मोदी से इस्तीफा चाहते थे लेकिन, उनका मानना था कि इससे कुछ भी मदद नहीं मिल पाएगी.
कानून मंत्री का राम मंदिर जन्मभूमि मामले पर रोजाना सुनवाई पर जोर, चार जनवरी से सुनवाई
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राम मंदिर जन्मभूमि मामले पर रोजाना सुनवाई की जरूरत बताई है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने लखनऊ में एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं व्यक्तिगत तौर पर उच्चतम न्यायालय से अपील करता हूं कि राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट की तरह हो.’ केंद्रीय मंत्री का आगे कहना था, ‘जब सबरीमाला और समलैंगिकता के मामले में न्यायालय जल्द निर्णय दे सकता है तो राम जन्मभूमि मामला 70 साल से क्यों अटका है. इस कार्यक्रम में मौजूद अन्य केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी रविशंकर प्रसाद की इन बातों से सहमति जाहिर की. वहीं, सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई चार जनवरी से शुरू करेगा. बताया जाता है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ आगे सुनवाई के लिए उचित पीठ तय करेगी.
रामेश्वर-धनुषकोडी रेल सेक्शन पर नई रेल लाइन बिछाने की मंजूरी
भारतीय रेलवे ने रामेश्वर-धनुषकोडी रेल सेक्शन पर नई रेल लाइन बिछाने को अपनी मंजूरी दे दी है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक इससे रामसेतु तक सीधा रेल संपर्क हो जाएगा. इसके साथ पम्बन ब्रिज के सामानांतर एक और ब्रिज के निर्माण की भी मंजूरी दी गई है. रेल मंत्रालय के एक अधिकारी की मानें तो रामेश्वर-धनुषकोडी रेल लाइन 1962 में आए समुद्री तूफान की वजह से ध्वस्त हो गई थी. इस रेल लाइन की कुल लंबाई 17 किलोमीटर है. बताया जाता है कि इन दोनों परियोजनाओं पर 458 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
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