उत्तर प्रदेश के नाेएडा सेक्टर-58 के एक सरकारी पार्क में नमाज पढ़ने पर पुलिस द्वारा रोक लगाए जाने के बाद विवाद पैदा हो गया है. इस आदेश पर विपक्ष ने आदित्यनाथ सरकार पर सवाल उठाए हैं. वहीं, भाजपा के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी इसके बचाव में आगे आई हैं. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. वहीं, पुलिस ने कहा है कि यह रोक नियमों के तहत ही लगाई गई है. आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. इससे पहले हरियाणा के गुड़गांव (गुरुग्राम) में भी इस तरह का आदेश जारी किया गया था.

मध्य प्रदेश : कर्ज माफी न मिलने से दो किसानों ने खुदकुशी की

मध्य प्रदेश में कर्जमाफी का ऐलान भी किसानों को राहत देता नहीं दिख रहा है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक बीते दिनों कर्ज के बोझ की वजह से दो किसानों ने खुदकुशी कर ली. इनमें से एक शाजापुर निवासी प्रेम नारायण रघुवंशी थे. उनके परिवार वाले बताते हैं कि बैंक कर्ज चुकाने के लिए लगातार दबाव बना रहा था. खंडवा के जुवान सिंह पर भी तीन लाख रुपए का कर्ज था. दोनों ने यह कर्ज 31 मार्च-2018 के बाद लिया था. जबकि राज्य की कांग्रेस सरकार ने मार्च- 2018 तक का ही कर्ज माफ करने की बात कही है. इससे ये दोनों कर्ज़ माफ़ी के दायरे से बाहर हाे गए थे. ख़बरों के मुताबिक इसी निराशा में उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है. प्रदेश के किसान यूरिया की कमी के कारण भी मुश्किल में हैं. बताया जाता है कि दिसंबर में यूरिया की मांग 3.70 लाख मीट्रिक टन थी. लेकिन आपूर्ति केवल 1.65 लाख मीट्रिक टन हुई है.

केरल : मुख्यमंत्री पी विजयन पर जातिगत टिप्पणी के आरोप में भाजपा से संबद्ध अखबार ने कार्टूनिस्ट को नौकरी से निकाला!

केरल में मलयाली भाषा में निकलने वाले एक अखबार ‘जन्मभूमि’ ने मुख्यमंत्री पी विजयन पर जातिगत टिप्पणी करने की वजह से अपने कार्टूनिस्ट गिरीश मूझिपदम को नौकरी से निकाल दिया. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक अखबार ने यह जानकारी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए दी थी. हालांकि, बाद में इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया. इसके बाद यह साफ नहीं हो पाया है कि अखबार ने संबंधित कार्टूनिस्ट को फिर से नौकरी पर रखा है या नहीं. इस अखबार को केरल में भाजपा का मुखपत्र कहा जाता है.

41 घंटे का सफर करके एंटीगुआ से भारत नहीं आ सकता : मेहुल चोकसी

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में 13,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में आरोपित मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ से भारत आने में अपनी असमर्थता जताई है. हिंदुस्तान में छपी खबर की मानें तो उसने मुंबई स्थित निचली अदालत को लिखित आवेदन दिया है. इसमें कहा है कि वह खराब स्वास्थ्य की वजह से 41 घंटे का सफर करके एंटीगुआ से भारत नहीं आ सकता. उसने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर अदालत को उसकी सेहत के बारे में जानकारी न देने का आरोप भी लगाया है. साथ ही, चोकसी का कहना है कि वह बकाया चुकाने के लिए बैंकों के संपर्क में है. वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जांच से भी जुड़ने को तैयार है. इससे पहले ईडी ने अदालत से मेहुल को आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की थी. साथ ही, उसकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिए जाने की भी अपील की थी.