गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि उनके प्रदेश में देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में मुसलमान कहीं ज़्यादा बेहतर स्थिति में हैं. फिर चाहे वह शिक्षा का मामला हो, आर्थिक विकास या रोजगार के स्तर का.

राजधानी गांधीनगर में राज्य वक़्फ़ बोर्ड की नई इमारत का उद्घाटन करते हुए विजय रूपाणी ने कहा, ‘कांग्रेस हिंदू और मुसलमानों के बीच खाई पैदा करने की कोशिश करती रही है. उसने हमेशा मुस्लिमों को वोट बैंक समझा. उनके तुष्टिकरण की राजनीति की. इसीलिए आज भी मुस्लिम शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास के मामले में अन्य समुदायों की तुलना में पीछे हैं.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि देश में जितने भी दंगे हुए हैं, ज़्यादातर कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में हुए.

रूपाणी ने सच्चर समिति का हवाला भी दिया. उन्होंने कहा कि यह समिति गठित करना भी तुष्टिकरण की राजनीति का उदाहरण है. साथ ही उन्होंने जोड़ा, ‘मुस्लिमों की तरक्क़ी के लिए ज़रूरी है कि उनके तुष्टिकरण की राजनीति ख़त्म हो. उन्हें वोट बैंक समझने की मानसिकता बदले. गुजरात में भाजपा सरकार ने यही नियम लागू कर रखा है- न्याय सबके लिए, तुष्टिकरण किसी का नहीं.’