2018 में समय-समय पर लॉन्च हुई कई नई गाड़ियों ने देश के ऑटोबाज़ार को गुलज़ार बनाए रखा. इस दौरान कई कंपनियों ने बिक्री के नए रिकॉर्ड स्थापित किए तो देश में बेचे जा रहे कुछ उत्पादों की वाहवाही वैश्विक स्तर पर की गई. साल 2018 को महत्वपूर्ण बनाने में इन छह गाड़ियों के नए अवतारों का अहम योगदान रहा.

मारुति-सुज़ुकी स्विफ्ट

देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनी मारुति-सुज़ुकी ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक स्विफ्ट के नए अवतार को इसी साल फरवरी में आयोजित ऑटो एक्सपो में लॉन्च किया था. तीसरी जनरेशन की इस स्विफ्ट का बाज़ार में लंबे समय से इंतेजार किया जा रहा था. हालांकि इस कार की लॉन्चिंग के कयास पिछले साल भी जमकर लगाए गए थे. लेकिन कंपनी ने किसी खास रणनीति के चलते इसकी बजाय सेडान डिज़ायर को पहले लॉन्च करना ज्यादा मुनासिब समझा. बाज़ार में नई स्विफ्ट को मिले शानदार रेसपॉन्स को इस बात से समझा जा सकता है कि लॉन्च होने के 145 दिनों में ही इस गाड़ी ने एक लाख यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया. यह रिकॉर्ड स्थापित करने वाली स्विफ्ट देश की पहली कार है.डिज़ायर को भी यह आंकड़ा हासिल करने में साढ़े पांच महीने का वक़्त लगा था. 4.99 लाख रुपए (एक्स शोरूम दिल्ली) की शुरुआती कीमत और जबरदस्त लुक्स व फीचर्स की वजह से स्विफ्ट ग्राहकों को जमकर लुभा रही है. हालांकि इस गाड़ी को चाहने वाले लोगों को तब काफी निराशा हुई, जब वैश्विक सुरक्षा टेस्ट में इसका प्रदर्शन लचर रहा था.

होंडा अमेज़

जापान की ऑटोमोबाइल कंपनी होंडा ने इसी साल फरवरी में हुए ऑटो एक्स्पो में पेश करने के बाद अमेज़ को मई में लॉन्च किया था. चूंकि भारतीय बाज़ार में कॉम्पैक सेडान सेगमेंट का अधिकतर हिस्सा मारुति-सुज़ुकी डिज़ायर और उसके बाद ह्युंडई की एक्सेंट ने घेर रखा है. ऐसे में होंडा की यह पेशकश उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभरी है जो सड़क पर कुछ अलग दिखने के साथ कम बजट में फुल लग्ज़री फील लेना चाहते हैं. लुक्स की बात करें तो नई अमेज़ को होंडा ने सेडान सिटी जैसी झलक देने की कोशिश की है.

कार का केबिन स्पेस बढ़ाने के लिए होंडा ने इसके व्हीलबेस को पहले से 65 एमएम तक बढ़ा दिया है. इसके अलावा कार के फ्रंट लुक को भी पहले से अग्रेसिव बनाया गया है. बिल्कुल नए प्लेटफॉर्म पर बनी यह अमेज़ पहले के मुकाबले हल्‍की लेकिन ज्‍यादा मजबूत है. फीचर्स के मामले में कार में एप्‍पल कार प्‍ले और एंड्रायड ऑटो दिया गया है. जानकारों का कहना है कि अमेज़ फेसलिफ्ट सेगमेंट की पहली कार है जिसके डीजल वेरिएंट में सीवीटी मॉडल और पेट्रोल वेरिएंट में पैडल शिफ्ट देखने को मिला है. कंपनी ने अमेज़ फेसलिफ्ट के पेट्रोल वेरिएंट की शुरुआती कीमत 5.59 लाख रुपए रखी है जो 7.99 लाख रुपए तक जाती है. वहीं इसके डीज़ल मॉडल की कीमत 6.69 लाख रुपए से लेकर 8.99 लाख रुपए के बीच तय की गई है.

रेनो क्विड

हालांकि रेनो की क्विड को इस सूची में रखना कुछ लोगों को ज्यादती लग सकता है. लेकिन मध्यम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिहाज से देखें तो क्विड-2018 को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता है. दरअसल स्मॉल हैचबैक सेगमेंट में मारुति-सुज़ुकी का एकतरफा कब्जा है, जिसके सप्लीमेंट के तौर पर ह्युंडई को देखा जाता रहा है. ऐसे में डेटसन रेडी गो और गो+ जैसी गाड़ियों की ही तरह क्विड भी उन लोगों के लिए सटीक विकल्प साबित हो सकती है जो कम दाम में अपनी गाड़ी पर अलग विदेशी कंपनी की मुहर देखना चाहते हैं.

सेगमेंट में ऑल्टो और ईऑन जैसे बड़े खिलाड़ियों के होने के बावजूद भारतीय बाज़ार में पिछले तीन साल के दौरान इस कार की 2.5 लाख से ज्यादा यूनिट बेची जा चुकी हैं जो कि एक सम्मानजनक आंकड़ा है. देश में रेनो के सीमित शोरूम और सर्विस स्टेशन होने के बावजूद क्विड का यह प्रदर्शन और ज्यादा तारीफ के काबिल हो जाता है. क्विड-2018 में आपको रियर व्यू कैमरा (आरएक्सटी ओ वेरिएंट के साथ), अपडेटेड फ्रंट ग्रिल, पिछली सीट के साथ हैंडरेस्ट जैसे फर्स्ट इन क्लास फीचर्स मिलते हैं. कार के टॉप एंड वेरिएंट के साथ दी गई क्रोम फिनिश वाली फ्रंट ग्रिल और पिछली सीट के साथ दिया गया क्रोम गियर नॉब इसे लग़्जरी फील देता है. इनके अलावा क्विड-2018 के कुछ वेरिएंट्स में रियर आर्मरेस्ट भी दिया गया है. कीमतों के मामले में रेनो ने क्विड की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है जो कि 2.56 लाख रुपए से लेकर 3.53 लाख तक जाती हैं.

मारुती-सुज़ुकी सियाज़

मारुति-सुज़ुकी की लोकप्रिय सेडान सियाज़ के फेसलिफ्ट मॉडल ने भी इस साल खूब चर्चाएं बटोरीं. सियाज़ को मारुति-सुज़ुकी के प्रीमियम ब्रांड नेक्सा के तहत बेचा जाता है. कंपनी ने सियाज़-2018 में बंपर का नया सेट, हैड और टेल लैंप में एलईडी लाइट्स और नए डिज़ायन के अलॉय व्हील दिए हैं. यदि आप सियाज़-2018 के केबिन में झांकेंगे तो यहां आपको डेशबोर्ड और डोरट्रिम्स पर वुडन फिनिश जैसे बदलाव देखने को मिलते हैं. इसके अलावा केबिन में 7.0 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और लैदर अपहोल्स्ट्री जैसी मौजूदा खूबियां बरकरार रखी गई हैं. नए के नाम पर कार में क्रूज़ कंट्रोल का विकल्प भी मिलता है.

इस कार में कंपनी ने पुराने 1.4 लीटर क्षमता वाले के-14 पेट्रोल इंजन को 1.5 लीटर क्षमता के के-15बी इंजन से बदला है. इसके चलते सियाज़ न सिर्फ मारुति बल्कि सेगमेंट की भी पहली पेट्रोल हाइब्रिड कार बनने में सफल रही है. कंपनी ने सियाज़-2018 के लिए दिल्ली में एक्सशोरूम कीमत 8.19 से लेकर 10.97 लाख रुपए तक तय की है जो कार के पेट्रोल बेस वेरिएंट से लेकर डीजल टॉप मॉडल के लिए अलग-अलग बदलती है. सियाज़-2018 ऐसे कई ग्राहकों को मारुति की तरफ खींच सकती है जो ह्युंडई की नई वर्ना लेने का मन बना रहे थे. सियाज़ को पहली बार 2014 में लॉन्च किया गया था और तब से लेकर अब तक यह कार शानदार प्रदर्शन करने में सफल रही है.

ह्युंडई सेंट्रो

ह्युंडई की हैचबैक सेंट्रो का नया अवतार कार बाज़ार के हालिया वर्षों में सबसे बड़े कमबैक के तौर पर देखा जा सकता है. कोरियन ऑटोमोबाइल कंपनी ह्युंडई ने 1996 में भारतीय बाजार में प्रवेश करने के करीब दो वर्ष बाद सेंट्रो को लॉन्च किया था. इसके बाद से ही इस कार को लोगों का जबरदस्त प्यार मिलता रहा है. सेंट्रो के साथ ह्युंडई उन लोगों के लिए सटीक विकल्प बनकर उभरी जो मारुति-सुज़ुकी से मिलते-जुलते दामों में ही वैश्विक स्तर की खूबियों वाली गाड़ी चाहते थे. लॉन्च होने के करीब नौ वर्ष बाद यानी 2009 में सेंट्रो को आई-10 से अपडेट कर दिया गया. इसके बाद से ही कंपनी की हैचबैक ईऑन और आई-10 के बीच का यह सेगमेंट पूरी तरह खाली था जिसमें मारुति-सुज़ुकी की वैगन-आर जैसी कार लगातार कमाल करने में सफल रही है.

सेंट्रो-2018 के नएपन का सही अहसास आपको कार के अंदर झांकने पर होता है जहां ज्यादा स्पेस वाले हेडरूम और लेगरूम के साथ बेहतरीन ढंग से सजा हुआ केबिन दिल खुश करता है. अन्य खूबियों की बात करें तो कार में रियर एसी वेंट्स दिए गए हैं जो सेगमेंट के हिसाब से ग्राहकों को लुभा सकते हैं. सेंट्रो अपनी क्लास की पहली कार है जिसमें एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्ट वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम लगाया है. हालांकि सुरक्षा के लिहाज से नई सेंट्रो आपको निराश कर सकती है क्योंकि इसमें एक ही एयरबैग (ड्राइवर साइड) स्टैंडर्ड तौर पर दिया गया है. ह्युंडई इंडिया ने सेंट्रो-2018 की शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 3.89 लाख रुपए रखी है जो कार के टॉप वेरिएंट के लिए 5.45 लाख रुपए तक जाती है.

जावा

2018 को सिर्फ इसलिए भी याद रखा जा सकता है कि इस साल ‘जावा’ ने फिर से भारत में दस्तक दी. यज़दी जैसी लीजेंड बाइक बनाने वाली जावा इस बार तीन बाइकों के साथ मैदान में उतरी है. इनमें से एक को कंपनी ने अपनी पहली मोटरसाइकल की याद में ‘जावा’ नाम दिया है. बाकी दो मोटरसाइकलों के लिए कंपनी ने ‘जावा-42’ और ‘जावा पर्क’ नाम तय किए हैं. इनमें से पर्क, कस्टम बॉबर के तौर पर पेश की गई है. जावा ने करीब 22 साल पहले अपनी बाइकों का उत्पादन रोक दिया था. फिर, करीब दो साल पहले ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ के मालिकाना हक़ वाली कंपनी ‘क्लासिक लेजेंड’ ने जावा के साथ साठ फीसदी की साझेदारी कर कंपनी की बाइकों को फिर से लॉन्च करने का फैसला लिया.

विंटेज लुक्स वाली इन बाइकों पर पहली नज़र जाते ही आपको 80-90 के दशक का दौर याद आने लगेगा. नई जावा-300 की बात करें तो इसमें कंपनी की सिग्नेचर स्टाइल वाला हैडलैंप दिया गया है. टैंक पर डुअल टोन क्रोम फिनिश और जावा-250 की याद दिलाते पिनस्ट्रिप वाले मडगार्ड देखने को मिले हैं यदि इस बाइक में किए गए कुछ नए बदलावों की बात करें तो इनमें इग्निशन स्विच, नई डिज़ायन की टेल लाइट, सामने से दिखने वाला बड़ा रेडियेटर और पीछे की तरफ से थोड़ी उठी हुई सिंगल फ्लैट सीट शामिल है. कंपनी का कहना है कि इन बाइकों में इस्तेमाल किए जाने वाले इंजन को विश्वस्तर के विशेषज्ञों द्वारा इटली के टेक्निकल सेंटर में विकसित किया गया है. यदि कीमत की बात की जाए तो जावा की पहली मोटरसाइकल की कीमत 1.64 लाख रुपए है और इसके जावा 42 मॉडल की एक्सशोरूम कीमत 1.55 लाख.