कनाडा में रह रहे भारतीयों द्वारा वहां की नागरिकता हासिल करने वालों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले 2018 के शुरुआती दस महीनों में 50 फीसदी की भारी-भरकम वृद्धि देखने को मिली है. नागरिकता से संबंधित कनाडा के सरकारी विभाग इमीग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटीजनशिप (आईआरसीसी) की तरफ से मिले आकंड़ों के आधार पर द टाइम्स ऑफ इंडिया ने लिखा है कि जनवरी से अक्टूबर 2018 के आखिर तक कुल 15,016 भारतीयों ने वहां की स्थायी नागरिकता हासिल की है.

अगर संख्या के लिहाज से बात करें तो भारतीयों के कनाडाई नागरिकता हासिल करने का यह आंकड़ा फिलीपींस के लोगों से थोड़ा ही कम है. इस दौरान फिलीपींस के 15,642 लोगों ने वहां की नागरिकता हासिल की है. आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अक्टूबर 2018 के दौरान दुनिया के अलग-अलग देशों के 1.39 लाख लोग कनाडा के स्थायी नागरिक बने जिनमें से भारतीयों की हिस्सेदारी 10.7 फीसदी की रही. हालांकि ये आंकड़े सिर्फ इस साल के दस महीनों के हैं. ऐसे में शेष दो महीनों के भी आंकड़े आ जाने के बाद इसमें भारतीयों का हिस्सा और बढ़ने की उम्मीद है.

कनाडा में इमीग्रेशन (उत्प्रवास) कानून विशेषज्ञ ताल्हा मोहानी का कहना है कि अक्टूबर 2017 के बाद से कनाडाई नागरिकता हासिल करने संबंधी नियमों में कुछ ढील दी गई है. पहले यहां का स्थायी नागरिक बनने के लिए किसी व्यक्ति को छह में से चार साल तक व्यक्तिगत तौर पर कनाडा में निवास करना पड़ता था. लेकिन अब पांच साल के दौरान तीन साल व्यक्तिगत तौर पर अगर कोई कनाडा में रहे तो वह यहां का स्थायी नागरिक बनने के लिए आवेदन कर सकता है.

कनाडाई नियमों के मुताबिक किसी दूसरे देश के निवासी द्वारा वहां की स्थायी नागरिकता हासिल करने के बाद वह वहां की सामाजिक सुविधाएं पाने का हकदार भी बन जाता है. हालांकि उसे चुनावों में वोट देने और अन्य राजनीतिक प्रक्रियाओं में हिस्सा लेने की अनुमति तुरंत नहीं मिलती.