प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस पर तीखा हमला किया. हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में आयोजित एक रैली में उन्होंने कहा कि देश का धन लूटने वाले परेशान हैं क्योंकि देश का चौकीदार सोने को तैयार नहीं. प्रधानमंत्री का यह भी कहना था कि कांग्रेस ने कर्जमाफी पर भी किसानों को बेवकूफ बनाने का काम किया है. इस खबर को आज के कई अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. इसके अलावा लोकसभा में तीन तलाक विधेयक के पास होने की खबर भी अखबारों के मुखपृष्ठ पर है. इस दौरान विपक्षी कांग्रेस ने वाकआउट किया. उसकी मांग है कि इस विधेयक को पहले ‘सलेक्ट कमेटी’ के पास भेजा जाए.

ई कॉमर्स से जुड़े नियमों में बदलाव की खबरों पर सरकार की सफाई

देश में ई कॉमर्स जुड़े नियमों में बदलाव की खबरों के बाद सरकार की तरफ से सफाई आई है. द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि कोई नया कानून नहीं बनाया गया है बल्कि मौजूदा नियमों पर ही स्थिति साफ की गई है. गुरुवार को खबर आई थी कि सरकार ने छोटे व्यापारियों की शिकायत के बाद ई कॉमर्स से जुड़े नियम बदले हैं जो एक फरवरी से अमल में आ आएंगे. इनके तहत एक्सक्लूसिव डील्स और कैशबैक जैसी पेशकशों पर पाबंदियां लगाने जैसे कई कदम उठाए गए हैं. इस पर फ्लिपकार्ट का कहना था कि सरकार को इस क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ियों के साथ चर्चा के बाद ही नियमन से जुड़े नियमों में कोई बदलाव करना चाहिए.

राम जन्मभूमि पर फिदायीन हमले की साजिश

एनआईए द्वारा बुधवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किए गए 10 आतंकियों से पूछताछ में एक अहम साजिश का पता चला है. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक इन सभी ने अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि पर फिदायीन हमले की साजिश रची थी. अधिकारियों का कहना है कि यह हमला 30 नवंबर को होना था, लेकिन सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के चलते वे ऐसा नहीं कर सके. बताया जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण स्थानों और राजनेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई थी. लेकिन उससे पहले ही एनआईए ने उन्हें दबोच लिया.

गुजरात में खबरें लीक करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी

गुजरात के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा है कि खबरें लीक करने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उनका यह बयान वायरल हो रही एक ऑडियो क्लिप के बाद आया है जिसमें कथित रूप से एक अधिकारी ने भ्रष्टाचार की बात मानी है. बताया जा रहा है कि ये अधिकारी गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड के पूर्व सचिव अनिल पटेल हैं. ऑडियो क्लिप में वे कथित तौर पर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि द्वारका सहित कई तीर्थों में निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है. द स्टेट्समैन के मुताबिक गुरुवार को गुजरात कैबिनेट की एक बैठक में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला हुआ. फिलहाल वे अतिरिक्त सचिव (ग्रामीण विकास) के रूप में तैनात हैं.