नागरिक उड्डयन से जुड़ी संसद की समिति का मानना है कि ग्राहकों के लिए निजी क्षेत्र की एयरलाइन इंडिगो का प्रदर्शन का सबसे ‘खराब’ है. वहीं एयर इंडिया की यात्री-सामान नीति सबसे ‘अच्छी’ है.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन की अध्यक्षता वाली पर्यटन, सड़क, जहाजरानी और विमानन से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने अपनी ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. समिति ने त्योहारों के दौरान कुछ एयरलाइनों द्वारा सामान्य से आठ-10 गुना अधिक किराया वसूले जाने को भी गंभीरता से लिया है. एनडीटीवी के मुताबिक, ओ’ब्रायन का कहना था, ‘हमारी समिति की स्पष्ट राय है कि यात्रियों के लिए इंडिगो सबसे खराब एयरलाइन है. सभी 30 सदस्य इस बात को लेकर सहमत हैं.’

डेरेक ओ’ब्रायन ने आगे कहा, ‘समिति का हर सदस्य कुछ निजी एयरलाइनों के परिचालन के तरीके से निराश है. लेकिन इंडिगो के मामले में कुछ ज्यादा निराश है. वह एयरलाइन बहुत अशिष्ट है. उसका रुख बहुत हठी है और कई बार वह सामान का वजन एक से दो किलोग्राम अधिक होने पर भी शुल्क वसूलती है. समिति इससे नाखुश है और उसने मामले को गंभीरता से लिया है. वहीं एयर इंडिया की यात्री-सामान नीति सबसे अच्छी है. दूसरी एयरलाइंस को भी इसी तरह की यात्री-सामान नीति अपनान चाहिए.’

समिति के अध्यक्ष का यह भी कहना था, ‘विमानन क्षेत्र में कई समस्याएं हैं. जैसे कि एयरलाइन बहुत अधिक धन वसूल रहे हैं. इसीलिए समिति ने सिफारिश की है कि टिकट को रद्द कराने का शुल्क मूल किराए का 50 प्रतिशत से अधिक नहीं लिया जाना चाहिए. टिकट रद्द कराने की स्थिति में यात्रियों को कर और ईंधन अधिभार भी वापस किया जाना चाहिए.’