इजरायल में चुनाव से पहले राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है. यहां एक पूर्व सेना प्रमुख बेनी गैंट्ज ने अप्रैल में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले अपने नए राजनीतिक दल के गठन का ऐलान किया है. माना जा रहा है कि गैंट्ज की पार्टी को चुनाव में कई सीटों पर जीत मिल सकती है.

खबर के मुताबिक गैंट्ज के नए दल का नाम ‘इजरायल रिजिल्यन्स पार्टी’ है. इसका मकसद इजरायल में यहूदी और लोकतांत्रिक जड़ों को मजबूत करना बताया जा रहा है. पीटीआई ने चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के हवाले से बताया कि 2011 से 2015 तक इजरायली सेना के प्रमुख रहे गैंट्ज की पार्टी 120 सदस्यीय नेसेट (इजरायली संसद) में 13 से 20 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है.

बेनी गैंट्ज से पहले 2013 से 2016 तक नेतन्याहू सरकार में रक्षा मंत्री रहे और पूर्व सेना प्रमुख मोशे यालोन भी बुधवार को अपनी अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर चुके हैं. नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के सदस्य रहे यालोन अब उनके आलोचक और प्रतिद्वंद्वी बन गए हैं. इजरायली मीडिया में आ रही खबरों में ये कयास भी लगाए जा रहे हैं कि यालोन और गैंट्ज की पार्टियां गठबंधन कर चुनाव लड़ सकती हैं.

इससे पहले बुधवार को इजरायल के सांसदों ने संसद भंग करने और नौ अप्रैल को मध्यावधि चुनाव कराने के लिए मतदान किया था. बता दें कि रक्षा मंत्री एविगदोर लीबरमैन के हमास शासित गाजा पट्टी में विवादास्पद संघर्ष विराम समझौते को लेकर नवंबर में इस्तीफा देने के बाद नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन के पास संसद में एक सीट से बहुमत रह गया था.

हालांकि सर्वेक्षणों के मुताबिक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक बार फिर सत्ता की बागडोर मिल सकती है, लेकिन भ्रष्टाचार के मामलों की जांच से उनके भविष्य पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं.