संसद में एक बार फिर महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने की मांग उठी है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और बीजू जनता दल (बीजेडी) के सदस्यों ने आज लोकसभा में महिला आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए सरकार से आग्रह किया कि मौजूदा शीतकालीन सत्र में यह विधेयक पारित कराया जाए.

पीटीआई के मुताबिक शून्यकाल के दौरान माकपा की पीके श्रीमती टीचर ने महिला आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का रुख निराशाजनक है, जबकि भाजपा ने अपनी चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि वह संसद एवं विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए विधेयक पारित कराएगी.

उन्होंने कहा कि इस सरकार को बने साढ़े चार साल से ज्यादा का समय बीत गया, लेकिन महिलाओं को आरक्षण देने को लेकर कुछ नहीं किया गया. टीचर ने कहा कि मौजूदा समय में लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 11.7 फीसदी और राज्यसभा में 11.4 फीसदी है. उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभाओं में भी यही असंतुलन है. माकपा सांसद ने कहा कि ऐसे में महिला आरक्षण विधेयक संसद में तत्काल पेश कर पारित कराया जाए.

उधर, बीजेडी के बी महताब ने भी टीचर का समर्थन किया और कहा कि सरकार को इसी सत्र में विधेयक लाना चाहिए. इसके बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के जितेंद्र रेड्डी भी महिला आरक्षण के समर्थन में उतर आए और विधेयक को पारित कराने की मांग का समर्थन किया.