केंद्र सरकार ने गगनयान कार्यक्रम को मंजूरी दे दी है. शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ. इसके तहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) तीन सदस्यीय एक दल को कम से कम सात दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा. इस मिशन पर 10 हजार करोड़ रु खर्च होने का अनुमान है.

गगनयान का ऐलान इस साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में किया था. इसरो पहले ही पुष्टि कर चुका है कि इस कार्यक्रम के तहत पहला मानवरहित यान दिसंबर 2020 तक भेजा जा सकता है. 2022 में यान के साथ भारतीय यात्री भी अंतरिक्ष में जाएंगे. अभी तक भारत से सिर्फ एक ही शख्स अंतरिक्ष में गया है और ये थे राकेश शर्मा. वे 1984 में तत्कालीन सोवियत संघ के एक यान में वहां गए थे.