विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री जेल मेग्ने बोंडविक का कश्मीर दौरा भारत सरकार ने आयोजित नहीं करवाया था. खबरों के मुताबिक विदेश मंत्री ने यह बात शुक्रवार को राज्य सभा में कही. उन्होंने यह भी कहा, ‘नवंबर के महीने में बोंडविक एक संस्था के बुलावे पर भारत आए थे. उस दौरान वे निजी दौरे पर कश्मीर गए थे. सरकार का उससे कोई लेना-देना नहीं था.’ यह पहला मौका है जब विदेश मंत्री ने जेल मेग्ने बोंडविक के कश्मीर दौरे को लेकर कोई बयान दिया है.

सुषमा स्वराज ने आगे कहा, ‘भारत-पाकिस्तान, कश्मीर मुद्दे पर समाधान के लिए तैयार हैं. लेकिन दो पड़ोसी देशों के इस मुद्दे में हमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका मंजूर नहीं है. भारत इस समस्या के सामाधान के लिए पर शिमला समझौते और लाहौर घोषणापत्र के प्रस्तावों के आधार पर आगे बढ़ेगा.’

इससे पहले जेल मेग्ने बोंडविक जब बीते महीने भारत आए थे तो 23 नवंबर को कश्मीर जाकर उन्होंने वहां के अलगाववादी नेताओं से मुलाकात की थी. उस मुलाकात में सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक और मीरवाइज उमर फारूक जैसे नेताओं ने उनसे भारत व पाकिस्तान को बातचीत के लिए एक मंच पर लाने का आग्रह किया था. उसी दौरान बोंडविक ने पाक अधिकृत कश्मीर के नेता मसूद खान से भी मुलाकात की थी.

इसके बाद बोंडविक की उस मुलाकात पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था. साथ ही उन्होंने यह दावा भी किया था कि केंद्र की इजाजत के बगैर नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री घाटी आकर अलगाववादी नेताओं से नहीं मिल सकते.