भारत के चुनावी इतिहास में 29 दिसंबर का दिन एक अभूतपूर्व घटना के साथ दर्ज है. 1984 में आज ही के दिन कांग्रेस ने लोकसभा की 508 में से 401 सीटें जीतकर स्वतंत्र भारत के संसदीय चुनाव इतिहास में सबसे बड़ी विजय दर्ज की थी. पार्टी ने चुनाव भ्रष्टाचार हटाने के मुद्दे पर लड़ा था, लेकिन उसे मिली इतनी बड़ी जीत की वजह इंदिरा गांधी की हत्या की चलते पैदा हुई सहानुभूति थी.

उस साल 31 अक्टूबर को देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी. उसके दो महीने बाद हुए चुनाव में देश की जनता ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि स्वरूप कांग्रेस को वोट दिया, जिसका नेतृत्व उनके पुत्र राजीव गांधी के हाथ में था.

देश-दुनिया के इतिहास में 29 दिसंबर की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:

1845 : टैक्सास गणराज्य को अमेरिका में विलय किए जाने के प्रस्ताव को अमेरिकी कांग्रेस ने मंजूरी दी.

1942 : हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना का पंजाब के अमृतसर शहर में जन्म हुआ. उनका वास्तविक नाम जतिन खन्ना था. 1960 और 70 के दशक में राजेश खन्ना का नाम फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था. उनकी एक के बाद एक 15 फिल्में सुपरहिट हुईं. इनमें फिल्म ‘सच्चा झूठा’ और ‘आनंद’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड मिला.

1951 : अमेरिका के आणविक ऊर्जा आयोग के अधिकारियों ने आणविक ऊर्जा से बिजली उत्पादन के संबंध में पहली बार खुलासा किया.

1975 : ब्रिटेन में एक ऐतिहासिक कानून लागू कर महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार प्रदान किए गए. कानून के जरिए समाज में और नौकरी में महिलाओं को पुरुषों के बराबर का दर्जा दिया जाना अनिवार्य हो गया.

1998 : कंबोडिया पर 1975 से 1979 के बीच नियंत्रण करने वाले कट्टरपंथी कम्युनिस्ट संगठन ख्मेर रूज के नेताओं ने उनके शासन के दौरान तकरीबन 15 लाख लोगों के मारे जाने पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी.

2001 : अमेरिका में न्यूयॉर्क के शहर बफेलो में 24 सितंबर को शुरू हुआ बर्फीला तूफान पांच दिन बाद थम गया और तकरीबन 82 इंच मोटी बर्फ की चादर के नीचे दबे शहर की खुदाई का काम शुरू हुआ.

2008 : गाजा पट्टी पर हमास के ठिकानों को निशाना बनाने के बीच हमास के रॉकेट हमले में तीन इजरायलियों की मौत के बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया.

2015 : पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इबोला से मुक्त घोषित किया. दो बरस पहले देश में इस घातक बीमारी का प्रकोप फैला था.