पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का एक वीडियो लीक हुआ है. इसमें वे कथित तौर पर फिर से पाकिस्तान की सत्ता हासिल करने के लिए अमेरिका से गुप्त समर्थन मांगते दिख रहे हैं. वे अमेरिकी सांसदों को यह बताते हुए भी सुनाई दे रहे हैं कि वे इस बात से ‘शर्मिंदा’ थे कि अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के ठिकाने का पता लगाने को लेकर आईएसआई का रवैया उपेक्षापूर्ण रहा. वीडियो में आत्म निर्वासित जीवन जी रहे पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति यह भी कह रहे हैं कि वे सोचते हैं कि आईएसआई की उपेक्षा ‘माफ करने लायक’ थी, क्योंकि 9/11 की घटना को लेकर सीआईए का व्यवहार भी इसी तरह उपेक्षापूर्ण था.

पीटीआई के मुताबिक इस लीक वीडियो में मुशर्रफ अमेरिकी सांसदों से कह रहे हैं, ‘मैं बस यह कह रहा हूं कि मेरी पहले से विश्वसनीयता है. मुझे फिर से सत्ता में आने की जरूरत है और मेरा समर्थन किया जाना चाहिए. खुल्लमखुल्ला नहीं बल्कि गुप्त तरीके से.’ उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए अमेरिका द्वारा दी गई धनराशि का इस्तेमाल गरीबी को 34 प्रतिशत से 17 प्रतिशत पर लाने के लिए किया.

वीडियो के एक हिस्से में मुशर्रफ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के परिसर में चलते हुए दिख रहे हैं. यह मालूम नहीं चला है कि वीडियो कब बनाई गई. हालांकि कहा जा रहा है कि यह क्लिप 2012 का हो सकता है. खबर के मुताबिक इसे पाकिस्तान के असंतुष्ट स्तंभकार माने जाने वाले गुल बुखारी ने पोस्ट किया है.

जनरल (सेवानिवृत्त) मुशर्रफ 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे. उन पर 2007 में पाकिस्तान के संविधान को भंग करने के लिए देशद्रोह का मुकदमा चल रहा है. उन्होंने महाभियोग से बचने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. बाद में सुरक्षा और स्वास्थ्य वजहों का हवाला देते हुए मुशर्रफ ने देश छोड़ दिया और वापस नहीं लौटे. मार्च 2016 से वे दुबई में रह रहे हैं.