मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार की देर रात अपनी कैबिनेट के 28 मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक राज्य के गृह और जेल विभाग की जिम्मेदारी आदिवासी नेता बाला बच्चन को सौंपी गई है. उधर, करीब सात अहम विभाग फिलहाल कमलनाथ ने अपने पास ही रखे हैं. इनमें जन संपर्क और विमानन सहित औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोक सेवा प्रबंधन, तकनीकी शिक्षा, अप्रवासी भारतीय, कौशल विकास एवं रोजगार शामिल हैं.

कमलनाथ ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को भी अपनी कैबिनेट शामिल किया है. उन्हें नगरीय एवं आवास विकास विभाग सौंपा गया है. 32 वर्षीय जयवर्धन कांग्रेस के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार के सबसे युवा मंत्री भी हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधायक तुलसी सिलावट को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जबकि डॉक्टर गोविंद सिंह को सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. तरुण भनोट को वित्त तो वहीं गोविंद सिंह राजपूत को राजस्व एवं परिवहन विभाग सौंपा गया है. स्कूली शिक्षा की जिम्मेदारी प्रभुराम चौधरी जबकि हुकुम सिंह कराड़ा को जल संसाधन विभाग मिला है.

कमलनाथ की कैबिनेट में महिला चेहरे भी शामिल हैं. इनमें डॉक्टर विजयलक्ष्मी साधो को संस्कृति और मेडिकल शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है. इमरती देवी को महिला और बाल विकास का भार दिया गया है. मुस्लिम समुदाय से आने वाले आरिफ अकील को कमलनाथ ने अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अलावा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की जिम्मेदारी भी दी है.

कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के पूर्व प्रमुख अरुण यादव के छोटे भाई सचिन सुभाष यादव को कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री बनाया गया है. उमंग सिंघार को वन विभाग तो जीतू पटवारी को खेल और युवा मामलों की जिम्मेदारी के साथ उच्च शिक्षा विभाग भी दिया गया है. इसके अलावा निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल को कमलनाथ ने खनन विभाग की ​जिम्मेदारी सौंपी है.

मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन के लिए समर्थन देने वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) व समाजवादी पार्टी (सपा) के किसी विधायक को कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है. इससे पहले सपा के किसी विधायक को मध्य प्रदेश कैबिनेट में जगह न दिए जाने पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नाराजगी भी जाहिर की थी.