अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे के मुख्य बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत में पेश किया. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ईडी ने कोर्ट को बताया कि पूछताछ में क्रिश्चियन मिशेल ने ‘श्रीमती गांधी’ का नाम लिया है, लेकिन इस बारे में उससे आगे सवाल पूछे जाते उसी दौरान उसके वकील वहां पहुंच गए. तब मिशेल ने अपने वकीलों को एक पर्ची पकड़ाई थी और उनसे पूछा था कि इस मुद्दे पर उसे आगे क्या जवाब देने हैं.

इस मामले को लेकर ईडी ने कोर्ट को एक रिपोर्ट भी सौंपी है. साथ ही उसने आरोप लगाया है कि क्रिश्चियन मिशेल को पूछताछ के दौरान जवाब देने के लिए बाहर से समझाया-बुझाया जा रहा है. उधर, मिशेल के वकील अल्जो जोसेफ ने कोर्ट के सामने स्वीकार किया है कि क्रिश्चियन मिशेल ने उन्हें पर्ची पकड़ाई थी. लेकिन इसके साथ उनका यह भी कहना था कि जिस कमरे में मिशेल से उनकी मुलाकात हुई वह बेहद तंग था, इसलिए उस पर्ची पर क्या लिखा था उसे वे नहीं देख पाए थे. इस पर ईडी के वकील ने मांग की कि मिशेल और उसके वकीलों की मुलाकातों को कम किया जाए.

एनडीटीवी के मुताबिक ईडी के वकील डीपी सिंह ने कोर्ट में जानकारी दी है कि हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़े दस्तावेजों में एक जगह लिखा हुआ है, ‘एक इटैलियन महिला का बेटा... देश का अगला प्रधानमंत्री बनने जा रहा है.’ डीपी सिंह के मुताबिक ईडी अब आगे इस जानकारी के हवाले से मिशेल से पूछताछ करना चाहता है. ईडी के वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि सौदे के दौरान मिशेल और अन्य लोगों की बातचीत में किसी ‘बड़े आदमी’ का जिक्र आया था, जिसका नाम अंग्रेजी के ‘आर’ से शुरू होता है.

डीपी सिंह ने अदालत से कहा है कि ईडी को इस व्यक्ति की पहचान करनी है और साथ ही क्रिश्चियन मिशेल से उन जगहों की निशानदेही करनी है जहां रिश्वत ली-दी गई थी. इन दलीलों के साथ ईडी ने मिशेल की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अपील की थी. इस पर अदालत ने उसे सात और दिन हिरासत में रखने की मंजूरी दे दी.

इस बीच कांग्रेस के नेता आरपीएन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से मिशेल पर एक ‘विशेष परिवार’ का नाम लेने का दबाव बनाया जा रहा है. उनके मुताबिक, ‘इस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोग स्क्रिप्ट लिखने का काम कर रहे हैं.’

इससे पहले अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे के बिचौलिये व इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपित क्रिश्चियन मिशेल को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित कराया गया था. इसी महीने भारत लाए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया था. सीबीआई की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया था.