केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा दी गई रफाल सौदे पर संसद में बहस की चुनौती कांग्रेस ने स्वीकार कर ली है. लोक सभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे स्वीकार करते हुए कहा, ‘जेटली जी ने जो चुनौती दी है... हम इसे स्वीकार करते हैं... हम दो जनवरी को बहस के लिए तैयार हैं. कृपया समय तय करें.’ इससे पहले अरुण जेटली ने कांग्रेस पर बहस से दूर भागने के आरोप लगाए थे.

कांग्रेस ने सरकार पर फ्रांस की कंपनी दसॉ से रफाल विमान खरीद सौदे में भ्रष्टाचार और पूंजीपतियों की मदद का आरोप लगाया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र का कहना है कि ऑफसेट सौदे के तहत अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस डिफेंस को 30,000 करोड़ रुपए का लाभ पहुंचाया गया. जबकि इस कंपनी को रक्षा क्षेत्र में निर्माण का कोई अनुभव नहीं है. उनका यह भी कहना था कि सरकार ने अनिल अंबानी को अनुचित लाभ देने के लिए सरकारी स्वामित्व वाली हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की अनदेखी की.

हालांकि बीते महीने सुप्रीम कोर्ट ने रफाल सौदे की जांच की मांग करने वाली याचिकाओं को ख़ारिज़ कर दिया था. अदालत ने कहा था, ‘किसी भी निजी संस्था के लिए व्यावसायिक पक्षपात किए जाने का कोई सबूत नहीं है.’ लेकिन इसके बावज़ूद संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस रफाल सौदे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग कर रही है. सरकार ने इसके मानने से इंकार कर दिया है.

सोमवार को जब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसकी मांग करते हुए नारेबाजी की, तो अरुण जेटली ने चुनौती देते हुए कहा, ‘यदि आपके पास साहस है, तो इस मामले में बहस करें.’ इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने लाेक सभा अध्यक्ष समित्रा महाजन से समय तय करने को कहा है. जवाब में महाजन ने कहा कि वे इसका निर्णय सही समय पर लेंगी.