बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से सत्ता में लौटने के बाद अपने देश के विपक्षी दलों को सीख दी है. इसके लिए उन्होंने भारत की सत्ताधारी- भारतीय जनता पार्टी का उदाहरण दिया. अपने आधिकारिक आवास पर मीडिया से बातचीत में शेख हसीना ने कहा, ‘क्या आपको याद है, जब राजीव गांधी ने चुनाव जीता था तब भाजपा को सिर्फ़ दो सीटें मिली थीं. लेकिन आज वह सत्ता में है. इसी तरह यहां (बांग्लादेश) भी दूसरे दलों के लिए मौका है. वे ठीक से काम करें तो आगे सरकार बना सकते हैं.’

शेख हसीना ने कांग्रेस पार्टी का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, ‘पिछले चुनावों में उन्होंने कितनी सीटें जीती थीं? लेकिन फिर वे यह ध्यान नहीं रख पाए कि उनकी ओर से अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? इतनी पुरानी और स्थापित पार्टी है लेकिन उसका नेता कौन होगा? यह साफ नहीं था. इसलिए लोगों ने उसे वोट नहीं दिया.’ ग़ाैरतलब है कि बांग्लादेश की 350 सीटों वाली संसद की 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होती हैं. जबकि बाकी 300 सीटों के लिए हुए चुनाव में शेख हसीना की आवामी लीग ने 288 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार अपनी सरकार सुरक्षित रखी है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को सिर्फ़ सात सीटें मिली हैं. बाकी अन्य को मिली हैं.

शेख हसीना ने कहा, ‘मैं बहुत उदारता से देश चला रही हूं. लेकिन तानाशाही या सैन्य शासन बर्दाश्त नहीं कर सकती. मैं आतंकवाद, नशा और भ्रष्टाचार को देश में पनपने-फैलने की इजाज़त नहीं दूंगी. इन बुराइयों से अपने देश के लोगों को बचाने के लिए मैं भरसक कोशिश करूंगी.’ उन्होंने भ्रष्टाचार के विपक्षी बीएनपी को भी निशाने पर लिया. उनके मुताबिक, ‘हमारे पिछले अनुभव बहुत ख़राब रहे हैं. लेकिन अब हम एक व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. जहां लोग स्वतंत्र रूप से अपना मताधिकार इस्तेमाल कर सकें. अपने अन्य अधिकारों का बिना किसी समस्या के उपयोग कर सकें. और लोगों ने इस चुनाव में किस उत्साह से मतदान किया, यह आपने (मीडिया) देखा है.’