मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ से जुड़े विवाद को लेकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. एनडीटीवी के मुताबिक​ शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भाजपा विधायकों के साथ मिलकर वे शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधानसभा में वंदे मातरम गाएंगे. शिवराज सिंह चौहान का यह भी कहना है, ‘अगर कांग्रेस के नेताओं को राष्ट्रगीत याद नहीं है, या उन्हें इसे गाने में शर्म आती है तो मुझे बताएं. मैं खुद बल्लभ भवन परिसर में हर महीने के पहले दिन लोगों के साथ इसे गाने के लिए तैयार हूं.’

इसके साथ ही प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार से इस परंपरा को दोबारा बहाल करने की मांग भी की है. शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, ‘कांग्रेस यह भूल रही है कि सरकारें आती-जाती रहती हैं. लेकिन देश और देशभक्ति से बढ़कर कुछ भी नहीं है.’

इससे पहले कमलनाथ ने पूर्ववर्ती सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी थी जिसमें हर महीने के पहले कामकाजी दिन सचिवालय में वंदे मातरम गाए जाने का नियम बना दिया था. कमलनाथ ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह फैसला किसी एजेंडे के तहत नहीं किया गया. सरकार वंदे मातरम गाए जाने के विरोध में भी नहीं है. इस पर कुछ समय के लिए रोक लगाई गई है जिससे इसे एक नए रूप में लाया जा सके. कमलनाथ के मुताबिक, ‘वंदे मातरम हम सभी के दिलों में बसता है. समय-समय पर हम इसे गाते भी हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने सवालिया लहजे में यह भी कहा कि जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते क्या वे देशभक्त नहीं हैं.