केंद्र सरकार ने देना बैंक और विजया बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय को मंजूरी दे दी है. स्क्रोल डॉट इन के मुताबिक इस विलय पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह कदम भारतीय बैंकिंग सेक्टर में सुधार के तहत उठाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस विलय से देना और विजया बैंक के किसी कर्मचारी की सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं होगा. इसके अलावा किसी कर्मचारी की छंटनी भी नहीं की जाएगी.

इससे पहले बीते साल 17 सितंबर को विजया और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय संबंधी फैसला किया गया था. इन बैंकों का यह विलय इसी साल एक अप्रैल से लागू होगा. इसके बाद विजया और देना बैंक की वचबद्धता सहित इनकी परिसंपत्तियां, देनदारियां, लाइसेंस, दावे और विशेषाधिकार बैंक ऑफ बड़ौदा के पास चले जाएंगे.

उधर, इस विलय के मद्देनजर बुधवार को ही बैंक ऑफ बड़ौदा ने देना और विजया बैंक के लिए शेयरों की अदला-बदली के अनुपात को अंतिम रूप दिया. जानकारी के मुताबिक विजया बैंक के शेयरधारकों को प्रति एक हजार शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 402 इक्विटी शेयर मिलेंगे. इसी तरह देना बैंक के शेयरधारकों को इस विलय के तहत प्रति एक हजार शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 110 शेयर दिए जाएंगे.

खबरों के मुताबिक इस विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा.