‘रफाल विमान सौदे को लेकर राहुल गांधी लगातार झूठ बोलते आए हैं.’  

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

अरुण जेटली ने यह बात लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा रफाल सौदे पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कही. उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने स्वभाव की वजह से सच्चाई स्वीकार नहीं कर पाते. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अरुण जेटली ने आगे कहा, ‘कुछ लोग पैसों का गणित समझ लेते हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा का समीकरण उनकी समझ में नहीं आता.’

‘मैं रफाल विमान सौदे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 20 मिनट की आमने-सामने की बहस करना चाहता हूं.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही. प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने यह भी कहा, ‘मुझे लगता है नरेंद्र मोदी के पास ऐसा करने की हिम्मत नहीं है.’ कांग्रेस द्वारा जारी एक ऑडियो क्लिप का जिक्र करते हुए उनका यह भी कहना था, ‘गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने एक व्यक्ति से फोन पर कहा था कि पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के घर में रफाल सौदे की फाइलें रखी हुई हैं. मेरे पास इस बात की रिकॉर्डिंग भी है. कहीं इन फाइलों के जरिये पर्रिकर, मोदी को ब्लैकमेल तो नहीं कर रहे? इसकी जांच होनी चाहिए.’ राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘विमान की कीमत क्यों और कैसे बढ़ी? क्या वायुसेना को इसकी जानकारी थी? इस सबकी जांच के लिए संयुक्त संसदीय दल (जेपीसी) का गठन होना चाहिए.’


‘रफाल सौदे पर अगर सरकार का दामन साफ है तो उसे जेपीसी से डर क्यों है?’  

— अरविंद सावंत, शिव सेना के नेता

अरविंद सावंत का यह बयान अपने ही सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस सौदे में एक ऐसी कंपनी को साझेदार बनाया गया जो सही तरह से मेट्रो रेल का संचालन भी नहीं कर पाई. साथ ही विमान बनाने की अनुभवी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इस करार से दूर रखा गया. अरविंद सावंत के मुताबिक, ‘एचएएल के अध्यक्ष ने कहा था कि वे देश में रफाल बना सकते हैं, फिर भी इस कंपनी को नजरअंदाज किया गया.’


‘आप जहां भी रहें, सिखाते रहें.’  

— सचिन तेंदुलकर, पूर्व क्रिकेटर

सचिन तेंदुलकर ने यह बात अपने कोच रमाकांत आचरेकर के निधन पर कही है. उन्होंने यह भी कहा, ‘कई अन्य क्रिकेटरों की तरह मैंने भी आचरेकर के मार्गदर्शन में क्रिकेट का ककहरा सीखा. मैं अपने जीवन में उनके योगदान का बयान शब्दों में नहीं कर सकता.’ सचिन तेंदुलकर ने आगे कहा कि वे पिछले महीने ही ‘आचरेकर सर’ से मिले थे. तब उन दोनों ने कई पुरानी बातों को याद करते हुए खूब ठहाके लगाए थे.


‘ताइवान को चीन में मिलाने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.’  

— शी जिनपिंग, चीन के राष्ट्रपति

शी जिनपिंग का यह बयान ताइवान के चीन में विलय के विवाद पर आया है. उनके मुताबिक, ‘इस काम में अड़ंगा लगाने वाले बाहरी तत्वों के खिलाफ चीन के पास हर तरह के कदम उठाने का विकल्प खुला रखेगा.’ दिलचस्प बात यह है कि चीन और ताइवान एक-दूसरे की संप्रभुता को मान्यता नहीं देते. साथ ही दोनों खुद को असली चीन मानते हैं. ताइवान ऐसा द्वीप है जो 1950 से ही आजाद रहा है मगर चीन उसे अपना विद्रोही राज्य बताता है.