भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) संभवत: 2,000 के नोट भी चलन से बाहर करने वाला है. सूत्रों के हवाले से बिज़नेस टुडे ने यह ख़बर दी है. इसमें बताया गया है कि आरबीआई ने 2,000 के नोट छापने बंद कर दिए हैं. हालांकि इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि ये नोट एकदम से बंद नहीं किए जाएंगे. इन्हें चरणबद्ध तरीके से चलन से बाहर करने की संभावना है.

सूत्र बताते हैं कि 2,000 के नोटों की छपाई रोकने का फ़ैसला उस समय हुआ जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को यह संदेह हुआ कि यह भी काले धन को वैध करने, टैक्स चोरी, आदि में इस्तेमाल हाे रहा है. जैसा कि पहले भी बड़े नाेटों के जरिए हो रहा था. बताया जाता है कि इस संदेह के आधार पर ही आरबीआई ने सरकार की मंशा के अनुरूप 2,000 के नोटों की छपाई रोकने का फ़ैसला किया. हालांकि इसके साथ यह भी तय किया गया कि जो पुराने 2,000 के नोट चलन में हैं वे पहले की तरह चलते रहेंगे.

सूत्रों की मानें तो 2,000 के नोटों की छपाई मुख्य रूप से करेंसी नोट प्रेस, नासिक में हो रही थी. प्रेस ने भी सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत दायर अर्ज़ी के ज़वाब में माना था कि उसे काफ़ी समय से 2,000 के नोटों की छपाई का ऑर्डर नहीं मिला है. वैसे इस बारे में आरबीआई ने आधिकारिक रूप से अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है. वहीं सरकार ने इन ख़बरों को ही पूरी तरह ख़ारिज़ कर दिया है कि वह 2,000 के नोटों को चलन से बाहर कर रही है या फिर उन्हें वापस लिए जाने की कोई योजना है.

बता दें कि नवंबर-2016 में 500-1,000 के नोट बंद करने के बाद मोदी सरकार ने 2,000 के नोट जारी किए थे. उस समय इसकी आलोचना भी की गई थी 1,000 का नोट बंद कर 2,000 का जारी करने का क्या तुक है. इसके बाद ऐसी ख़बरें आईं कि लोग 2,000 के नोटों की मदद से घरों में बड़ी मात्रा में नगदी छिपा रहे हैं. आयकर विभाग ने नवंबर-2018 में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान कई ठिकानों से 2,000 के नोटों की शक़्ल में नगदी बरामद भी की. इसी के बाद यह नोट वापस लेने निर्णय हुआ है.