जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने अयोध्या में राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद को बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाने की अपील की है. इंडिया टीवी के मुताबिक इसके साथ उन्होंने यह भी कहा है, ‘भगवान राम का संबंध पूरी दुनिया से है. उनसे किसी को बैर नहीं है और होना भी नहीं चाहिए. इस मुद्दे का समाधान जल्दी से जल्दी होना चाहिए. जिस दिन ऐसा हो गया तो मैं भी मंदिर में ईंट लगाने अयोध्या जाऊंगा.’

फारुक अब्दुल्ला का यह बयान शुक्रवार को राम मंदिर-बाबरी मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के कुछ ही देर बाद आया. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और जस्टिस एसके कौल की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई दस जनवरी तक के लिए टाल दी थी. अब दस तारीख को सुनवाई के बाद यह मामला नई बेंच को सौंपा जाएगा. साथ ही उसी दिन ही यह फैसला होगा कि इसमें सुप्रीम कोर्ट के कौन जज शामिल होंगे.

इस बीच श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर रामविलास वेदांती ने भी आपसी सहमति से इस मसले का समाधान निकालने पर जोर दिया. खबरों के मुताबिक उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर मुसलमानों के साथ समझौता होने वाला है. इसके लिए उस जगह से बातचीत की जा रही है जहां से मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड संचालित हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि इस बातचीत का मजमून भी तैयार हो गया है.