‘बोफोर्स सौदे ने कांग्रेस को सत्ता से हटाया, रफाल रक्षा सौदा नरेंद्र मोदी को सत्ता में वापस लाएगा.’  

— निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री

निर्मला सीतारमण ने यह बात रफाल सौदे को लेकर संसद में हुई बहस के दौरान कही. उन्होंने यह भी कहा, ‘वायु सेना के मुश्किलों में होने के बावजूद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार ने इस सौदे को नहीं होने दिया. क्योंकि आपको (कांग्रेस) इस सौदे में कोई निजी फायदा नहीं हो रहा था.’ उनके मुताबिक कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देश को गुमराह किया है. निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, ‘हम राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रक्षा सौदे करते हैं. रक्षा से जुड़े विषयों का सौदा नहीं करते.’

‘देश की मुख्य समस्याओं में बेरोजगारी बड़ी समस्या है.’  

— नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री

नितिन गडकरी ने यह बात महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान कही. उनके मुताबिक रोजगार और नौकरी दो अलग-अलग चीजें हैं. नौकरियों की सीमा होती है इसलिए कोई भी सरकार अपनी वित्तीय नीति में रोजगार सृजन पर विशेष जोर देती है. नितिन गडकरी ने आगे कहा कि देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए जाने को लेकर विचार किए जाने की जरूरत है.


‘भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है.’  

— दिग्विजय सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

दिग्विजय सिंह का यह बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आया है. उनका कहना है कि भाजपा नेता, विधायकों की खरीद-फरोख्त करके प्रदेश में दोबारा अपनी सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह के मुताबिक, ‘भाजपा नेता बिना सत्ता के नहीं रह पा रहे. इसीलिए वे बहुमत वाली सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं.’ उनका यह भी मानना है कि विपक्षी दल को इसमें कामयाबी मिलने वाली नहीं है.


‘रात के अंधेरे में सबरीमला मंदिर में महिलाओं का प्रवेश कायराना है.’  

— जी माधवन नायर, अंतरिक्ष वैज्ञानिक

जी माधवन नायर का यह बयान इसी हफ्ते केरल के सबरीमला मंदिर में दो महिलाओं के प्रवेश करने पर आया है. इस घटना को ‘राजनीतिक एजेंडा’ से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा कि सिख, मुस्लिम या ईसाई धर्मों को देखें तो इन सभी की अपनी प्रथाएं हैं. लेकिन क्या अदालत या सरकारें इन धर्मों के मामलों में दखल देती हैं?’ इसके साथ जी माधवन नायर ने सवालिया लहजे में कहा, ‘आखिर हिंदू समुदाय को ही अकेले क्यों निशाना बनाया जाता है.’


‘अगर इजाज़त मिले तो मैं खुद अयोध्या में राम मंदिर बनवाने के लिए ईंट लगाऊंगा’   

— फारुक अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री

फारुक अब्दुल्ला का यह बयान शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई होने के कुछ देर के बाद आया. उन्होंने इस मसले को बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि दुनिया में कोई ऐसा मुद्दा नहीं जिसे बातचीत के जरिये न हल किया जा सकता हो. इसके साथ ही फारुक अब्दुल्ला ने यह भी कहा, ‘भगवान राम का संबंध पूरी दुनिया से है. उनसे किसी को बैर नहीं है और होना भी नहीं चाहिए.’