भारत की एकदिवसीय टीम को एक और कप्तान मिल गया है. जिम्बाब्वे दौरे के लिए चयनकर्ताओं ने सभी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देते हुए टीम की कमान अजिंक्य रहाणे को सौंपने का ऐलान किया. तीन वन डे और एक टी20 मैच खेलने जा रही इस टीम में महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, आर अश्विन, उमेश यादव और सुरेश रैना नहीं होंगे. रहाणे ने बीते एक साल के दौरान 25 एकदिवसीय मैचों में दो शतकों सहित 839 रन बनाए हैं. टेस्ट मैचों में भी वे खासे कामयाब रहे हैं. उन्होंने तीन टेस्ट शतक बनाए हैं और तीनों विदेशी पिचों पर.
रहाणे का कप्तान बनना इसलिए भी अहम है कि एकदिवसीय टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों के लिए बाहर बैठा दिया था.
रहाणे का कप्तान बनना इसलिए भी अहम है कि एकदिवसीय टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों के लिए बाहर बैठा दिया था. पिछले काफी समय से अच्छा प्रदर्शन करने वाले रहाणे को बाहर करने के इस फैसले की काफी आलोचना हुई थी. लेकिन धोनी का कहना था कि प्लेइंग इलेवन पर फैसला उनका काम है और रहाणे को इसलिए नहीं खिलाया गया कि वे धीमे विकेट पर अच्छा नहीं खेल पाते. जिम्बाब्वे दौरे पर जा रही इस टीम में चार साल बाद हरभजन सिंह की भी वापसी हुई है. विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा भी वनडे टीम में वापस आए हैं. तेज गेंदबाज संदीप शर्मा और लेग स्पिनर कर्ण शर्मा को भी अंजिक्य रहाणे की अगुवाई वाली टीम में शामिल किया गया है.
एसीबी मुखिया मुकेश मीणा के मामले में 'आप' सरकार को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं
दिल्ली हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) प्रमुख के पद पर संयुक्त आयुक्त एमके मीणा की नियुक्ति के मामले में अरविंद केजरीवाल सरकार को झटका दिया है. दिल्ली सरकार ने अदालत से अनुरोध किया था कि मीणा के एसीबी प्रमुख कार्यालय में प्रवेश करने तथा कामकाज संभालने पर रोक लगाई जाए, लेकिन अदालत ने इस पर कोई आदेश जारी नहीं किया. यानी मीणा फिलहाल एसीबी प्रमुख के पद पर बने रहेंगे. हालांकि उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए उससे दो सप्ताह में जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी. आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा एसीबी प्रमुख पद पर मीणा की नियुक्ति को लेकर याचिका दायर की थी. उसका तर्क है कि एसीबी में संयुक्त आयुक्त के पद का कोई प्रावधान नहीं है और ऐसे में एसीबी में संयुक्त आयुक्त पद पर की गई मीणा की नियुक्ति भी गैर-कानूनी और असंवैधानिक है.
भाजपा ने कहा, धौलपुर पैलेस दुष्यंत का
भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि धौलपुर पैलेस राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह की निजी संपत्ति है. कांग्रेस का आरोप है कि ये महल सरकारी संपत्ति है. राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि धौलपुर पैलेस पर भारत सरकार के दस्तावेज़ साबित करते हैं कि इस पर दुष्यंत का मालिकाना हक है. परनामी के मुताबिक दस्तावेज़ बताते हैं कि भारत सरकार ने यह पैलेस शाही परिवार को सौंप दिया था. इससे पहले दिल्ली में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें उन्होंने कुछ दस्तावेज़ दिखाते हुए कहा था कि धौलपुर पैलेस सरकारी संपत्ति है जिसे राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने अपनी निजी संपत्ति बना लिया है. रमेश का कहना था कि 1954 और 2010 के बीच के राजस्व विभाग के कई दस्तावेज यह दर्शाते हैं कि यह महल सरकार की संपत्ति थी लेकिन, राजे और ललित मोदी की कंपनी ने इसे एक आलीशान होटल में तब्दील कर दिया है. वसुंधरा राजे आईपीएल में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपी ललित मोदी की मदद करने के आरोपों के चलते पहले से ही विरोधियों के निशाने पर हैं. मोदी 2010 से लंदन में रह रहे हैं.