मुंबई की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) अदालत ने शनिवार को शराब कारोबारी विजय माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर दिया. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पीएमएलए अदालत में उसके खिलाफ ‘भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम - 2018’ के तहत मामला दर्ज कराया गया था. इसी के तहत विजय माल्या को देश का पहला ऐसा अपराधी घोषित किया गया. विशेष अदालत के इस फैसले से अब केंद्र सरकार को उसकी संपत्तियां जब्त करने का अधिकार मिल सकेगा. हालांकि संपत्तियां जब्त किए जाने को लेकर यह अदालत पांच फरवरी को सुनवाई करेगी. इससे पहले बीते साल नवंबर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजय माल्या के खिलाफ दर्ज वित्तीय मामलों के मद्देनजर उसे भगोड़ा घोषित किए जाने की मांग की थी.

इधर, जिस कानून के तहत विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है उसे बीते साल ही मंजूरी दी गई थी. इस कानून में ऐसे शख्स को भगोड़ा आर्थिक अपराधी माना जाता है जिसके खिलाफ एक सौ करोड़ व इससे ज्यादा के आर्थिक अपराध के मामले दर्ज हों. इन मामलों में उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया जा चुका हो और साथ ही न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए वह देश से फरार हो चुका हो.

विजय माल्या पर विभिन्न बैंकों से नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेने और उसे चुकाए बगैर विदेश भाग जाने का आरोप है. साल 2016 में देश छोड़ने के बाद लंबे समय से वह ब्रिटेन के लंदन में रह रहा है. हालांकि बीते दिनों ईडी की मांग पर वहां की एक अदालत ने उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने पर अपनी मोहर लगा दी है.