जाते-जाते साल 2018 रॉयल एनफील्ड को बड़ा झटका देकर गया है. दिसंबर-2018 में कंपनी की कुल 58,278 यूनिट बाइकों की बिक्री हुई थी, जो 2017-दिसंबर की 66,968 यूनिट से करीब 13 प्रतिशत कम है. यदि सिर्फ घरेलू बाज़ार की बात करें तो यहां कंपनी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत ज्यादा निराशाजनक रहा. दिसंबर-2018 में रॉयल एनफील्ड ने भारतीय बाज़ार में 56,026 यूनिटें बेची थीं जो 2017 में इसी महीने की 65,367 यूनिट बिक्री से चौदह प्रतिशत कम रही.

यह लगातार दूसरा महीना था जब बिक्री के लिहाज़ से घरेलू बाज़ार में कंपनी का ग्राफ गिरा. इससे पहले नवबंर- 2018 में भी कंपनी की कुल बिक्री, 2017 की 67,776 यूनिट से चार फीसदी घटकर 65,026 यूनिट रह गई थी. यदि मॉडल के हिसाब से बात करें तो रॉयल एनफील्ड की सर्वाधिक बिकने वाली 350-सीसी रेंज की बाइकों की बिक्री में पिछले दिसंबर 15 प्रतिशत की कमी दर्ज़ की गई. हालांकि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से कंपनी को थोड़ी राहत मिली. दिसंबर-2018 में कंपनी 2252 बाइकें देश से बाहर बेचने में सफल रही जो 2017 की 1601 यूनिट से करीब 41 फीसदी ज्यादा है.

रॉयल एनफील्ड ने घरेलू बिक्री में आई इस कमी से जुड़ी कोई वजह आधिकारिक तौर पर साझा नहीं की है. लेकिन जानकार कंपनी को हुए इस घाटे के पीछे, ‘यज़दी’ बनाने वाली कंपनी ‘जावा’ के एक बार फिर भारतीय बाज़ार में दस्तक देने से जोड़कर देख रहे हैं. रॉयल एनफील्ड की ही तरह किसी जमाने में जावा भी युवाओं के लिए टशन और स्टाइल का पर्याय रही थी. लेकिन बाज़ार में हल्की व सस्ती मोटरसाइकलें आने के बाद जावा ने पीछे हटने में भलाई समझी जबकि रॉयल एनफील्ड ने जैसे-तैसे खुद को बचाए रखा.

जावा की बाइकें
जावा की बाइकें

इस दौरान रॉयल एनफील्ड अपने उत्पादों को तकनीकी तौर पर उन्नत बनाने के साथ नई रेंज की बाइकों के निर्माण में लगातार जुटी रही. और हालिया कुछ वर्षों में जब युवा ग्राहक दो-पहिया वाहनों के लिए ज्यादा से ज्यादा जेब ढीली करने लगे, तो कंपनी की लोकप्रिय बाइक ‘बुलेट’ बाज़ार पर फिर से काबिज़ होती दिखी. बुलेट यानी स्टैंडर्ड-350 सीसी के अलावा, स्टैंडर्ड-500 सीसी, इलेक्ट्रा-350 सीसी, क्लासिक-350/500 सीसी, थंडरबर्ड 350/500 सीसी और हिमालयन जैसी बाइकों ने रॉयल एनफील्ड को सफलता के नए शिखरों पर ला खड़ा किया.

कंपनी के शानदार प्रदर्शन का ही असर कहा जा सकता है कि विटेंज बाइक बनाने वाली कई देशी-विदेशी कंपनियों ने इस सेगमेंट में उतरने का फैसला किया. जावा भी इनमें से एक है. समान कीमत में रॉयल एनफील्ड का विश्वसनीय विकल्प तलाश रहे ग्राहकों को जावा खूब लुभा रही है. जावा को मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी तक कंपनी ने अपनी बाइकों की बिक्री शुरु भी नहीं की है और उसे सितंबर-2019 तक के लिए बुकिंग मिल चुकी है. क्षमता से ज्यादा बुकिंग मिलने से जावा खासी उत्साहित तो है ही, लेकिन सप्लाई से जुड़े सवाल पर कुछ परेशान भी है. यही कारण है कि कंपनी ने अपनी बाइकों के लिए ऑनलाइन बुकिंग को अब बंद कर दिया है.

सुज़ुकी की नई हायाबुसा भारत में

कायदे से इस ख़बर को शब्दों के बजाय उसी ऑडियो इफेक्ट के सहारे पेश किया जाना चाहिए, जिसका इस्तेमाल ‘धूम’ फिल्म में हायाबुसा को आम भारतीय से रूबरू करवाते समय किया गया था. इस शानदार स्पोर्ट्स बाइक को जापान की दो-पहिया वाहन निर्माता कंपनी सुज़ुकी ने 1999 में तैयार किया था, जिसके बाद से यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचाने में लगातार सफल रही है. भारत में इस बाइक को सबसे पहले 2017 में असेंबल किया गया था.

जानकारी के मुताबिक यूरो-4 एमिशन रेगुलेशन पर खरा नहीं उतरने की वजह से यूरोप में इस बाइक का उत्पादन दिसंबर-2018 से रोक दिया गया है. सूत्रों की मानें तो वहां तैयार की जा चुकी इस बाइक की कई यूनिटों में ही मामूली संशोधन कर उसे नए अवतार के रूप में भारत में उतारा गया है.

हायाबुसा
हायाबुसा

सुज़ुकी ने बीते दिसंबर की शुरुआत में एक लाख रुपए के टोकन मनी के साथ हायाबुसा-2019 की बुकिंग शुरू की थी, जिसकी सप्लाई इस सप्ताह से शुरु की जा चुकी है. सुज़ुकी ने नई हायाबुसा की एक्स शोरूम कीमत 13.74 लाख रुपये तय की है जो इसके पिछले मॉडल के मुकाबले करीब 17,000 रुपये अधिक है.

लुक्स की बात करें तो हायाबुसा-2019 में सुज़ुकी ने दो नए कलर्स- मैटेलिक उर्ट ग्रे और ग्लास स्पार्कल ब्लैक के साथ अपडेटेड ग्राफिक्स और साइड रिफ्लैक्टर्स दिए हैं. परफॉर्मेंस के लिहाज़ से कंपनी ने हायाबुसा-2019 में 1340 सीसी क्षमता का 4-स्ट्रोक वाला, फ्यूल इंजेक्टेड, लिक्विड-कूल्ड, डीओएचसी इंजन लगया है जो 194 बीएचपी की अधिकतम पॉवर उत्पन्न करता है. बता दें कि दुनियाभर में हायाबुसा पहली प्रोडक्शन बाइक थी जो 300 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने में सक्षम थी. देश में लॉन्च की गई सुज़ुकी हायाबुसा की लिमिटेड टॉप स्पीड 299 किमी/घंटा है और 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में यह बाइक महज 2.74 सेकंड का समय लेती है.

ह्युंडई आई-20 का कीर्तिमान

दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता कंपनी ह्युंडई की लोकप्रिय कार आई-20 ने इस सप्ताह नया कीर्तिमान स्थापित किया है. कंपनी ने भारत में इस कार को करीब एक दशक पहले लॉन्च किया था. इस अंतराल में देश के बाज़ार में 8.50 लाख यूनिट बिक्री का आंकड़ा पार करने वाली आई-20 प्रीमियम कॉम्पैक्ट सेगमेंट की पहली कार बन गई है. अब तक वैश्विक स्तर पर इस कार की कुल 13 लाख यूनिटों की बिक्री की जा चुकी है.

बता दें कि आई-20, ह्युंडई की उन कारों में शुमार है जिनकी प्रतिमाह औसतन दस हजार यूनिट की बिक्री दर्ज़ की जाती है. लेकिन यह उपलब्धि आई-20 की सफलता की इकलौती पैमाइश नहीं. दुनियाभर में आई-20, अपने सेगमेंट में सर्वाधिक तीस सम्मान हासिल करने का गौरव भी हासिल कर चुकी है. इस बेहतरीन कार को ‘इंडियन कार ऑफ द ईयर-2015’ सम्मान से भी नवाज़ा जा चुका है. इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर कारों के लिए सुरक्षा मानक तय करने वाली संस्था एनसीएपी ने 2009 में आई-20 के अंतरराष्ट्रीय मॉडल को पांच में से पांच स्टार रेटिंग दी थी.

आई-20 अलाइट
आई-20 अलाइट

इस कार के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए ह्युंडई की भारतीय इकाई ने ऑटो एक्स्पो-2018 के दौरान अलाइट आई-20 को एक नई रेंज के साथ पेश किया था. कंपनी ने इस कार की कीमत 5.42 लाख रुपए (शुरुआत दिल्ली एक्सशोरूम) से लेकर 9.23 लाख रुपए तक तय की थी. आई-20 2018 को कंपनी ने पेट्रोल और डीज़ल, दोनों फ्यूल ट्रिम के साथ छह वेरिएंट- एरा, मैग्ना, एग्ज़ीक्युटिव, स्पोर्ट्ज़, एस्टा और एस्टा (ओ) में पेश किया. इनके अलावा एस्टा वेरिएंट के दोनों ट्रिम्स को डुअल टोन वेरिएंट में भी लॉन्च किया गया था.

कंपनी ने इस कार के पेट्रोल ट्रिम में 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन बॉक्स स्टैंडर्ड तौर पर देने के साथ इसके मैग्ना व एस्टा वेरिएंट में सीवीटी गियरबॉक्स दिया है. वहीं कार के डीज़ल ट्रिम में सिर्फ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड तौर पर देखने को मिलता है. भारतीय बाज़ार में यह कार फॉक्सवैगन पोलो, होंडा जैज और फिएट पुंटो जैसी प्रतिद्वंदी कारों पर इक्कीस ही नज़र आती रही है. लेकिन मारुति-सुज़ुकी बलेनो के रेस में आ जाने से आई-20 की डगर उतनी आसान नहीं रही.