मकर संक्रांति से प्रारंभ होने जा रहे विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम कुंभ के लिए रविवार को प्रयागराज में पहली बार किन्नर अखाड़े की देवत्व यात्रा निकली.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने किन्नर अखाड़ा को मान्यता नहीं दी है. लेकिन किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बीच नगर में देवत्व यात्रा निकाली. किन्नर अखाड़े की इस देवत्व यात्रा में सबसे आगे आठ बग्घियों पर अखाड़े के संत विराजमान थे और इसके पीछे अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ऊंट पर सवार थीं और लोगों को आशीर्वाद दे रही थीं. इनके पीछे एक वाहन में अखाड़े के आराध्य देवता महाकालेश्वर विराजमान थे.

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प्रयागराज में किन्नर अखाड़ा पहली बार देवत्व यात्रा निकाल रहा है, इसलिए लोगों में इसको लेकर खासी उत्सुकता रही. इससे पहले उज्जैन में इस अखाड़े ने देवत्व यात्रा निकाली थी.