फ्रांस में ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन और उग्र होता जा रहा है. पिछले दो दिनों में प्रदर्शनकारी बेहद मजबूत होकर सड़कों पर उतरे हैं. फ्रांस के गृह मंत्रालय ने शनिवार को सड़कों पर उतरने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या पचास हजार बताई है, जो बीते एक महीने की सबसे ज्यादा संख्या है. इससे पहले 29 दिसंबर को प्रदर्शनकारियों की संख्या 32 हजार थी.

शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने पेरिस स्थित एक मंत्रालय पर हमला बोल दिया और वहां काफी तोड़फोड़ की. एएफपी के मुताबिक हमले के दौरान मंत्रालय से बचकर निकले सरकारी प्रवक्ता बेंजामिन ग्रीविएक्स ने कहा, ‘यह गणतंत्र पर किया गया अब तक का सबसे भयानक हमला है.’ उन्होंने बताया, ‘कुछ येलो वेस्ट प्रदर्शनकारियों ने निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले एक वाहन से मंत्रालय के प्रवेश द्वार को तोड़ दिया. इसके बाद वे अंदर घुस आए और दो कारों में तोड़ फोड़ की, कुछ खिड़कियां तोड़ी और फरार हो गए.’ पुलिस के अनुसार सुरक्षा फुटेज से इन प्रदर्शनकारियों को पहचानने की कोशिश की जा रही है.

इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक ट्वीट कर कहा, ‘वे गणतंत्र, उसके संरक्षकों, उसके प्रतिनिधियों और उसके प्रतीकों के खिलाफ घोर हिंसा की निंदा करते हैं.’

फ्रांस में येलो वेस्ट प्रदर्शन पेट्रोल-डीजल पर टैक्स बढ़ाने की योजना के विरोध में ग्रामीण क्षेत्रों से शुरू हुआ था. देखते ही देखते यह पूरे फ्रांस में फैल गया और राष्ट्रपति मैक्रों की बाजार समर्थित नीतियों तथा सरकार की कार्यशैली के विरोध में तब्दील हो गया. 17 नवंबर को हुए पहले प्रदर्शन में करीब तीन लाख लोग शामिल हुए थे.