रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने देश में कैशलेस भुगतान को बढ़वा देने और डिजिटल पेंमेंट्स को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए एक समिति गठित की है. एनडीटीवी के मुताबिक इस समिति का अध्यक्ष नंदन निलेकणी को बनाया गया है. यह समिति देश में कैशलेस भुगतान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के साथ-साथ डिजिटल भुगतान में वित्तीय समावेश के वर्तमान स्तर का आकलन करेगी. इसके साथ ही आरबीआई ने इस समिति से देशभर में कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने के लिए भी कहा है.

पांच सदस्यों वाली इस समिति के अध्यक्ष नंदन निलेकणी को आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापकों के तौर पर पहचाना जाता है. इसके अलावा वे भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुके हैं. निलेकणी के अलावा इस समिति में आरबीआई के पूर्व डिप्टी गवर्नर एचआर खान, विजया बैंक के पूर्व सीईओ किशोर संसी, पूर्व आईटी सचिव अरुणा शर्मा और सेंटर फॉर इनोवेशन इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रोन्योरशिप (सीआईआईई) के चीफ इनोवेशन ऑफिसर संजय जैन को भी शामिल किया गया है.

यह समिति अपनी पहली बैठक करने के बाद 90 दिनों के भीतर इन विभिन्न मुद्दों पर आरबीआई को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी.