लोकसभा चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी सरकार के लिए आर्थिक मोर्चे पर एक अच्छी खबर आई है. विश्व बैंक ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान भारत की विकास दर में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिलेगी और अगले दो सालों में यह बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो जाएगी. विश्व बैंक के मुताबिक भारत में बढ़ती मांग और निवेश के कारण यह वृद्धि देखने को मिलेगी. उसका यह भी कहना था कि भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रही प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है.

विश्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी की गई ग्लोबल इकॉनॉमिक प्रोसपेक्टस रिपोर्ट चीन के लिए बुरी खबर है. इसके मुताबिक भारत के इस पड़ोसी की विकास दर में कमी देखने को मिलेगी. 2019-20 और इसके अगले वित्तीय वर्ष में चीन की विकास दर 6.2 फीसदी रह सकती है जबकि साल 2021-22 में इसके छह प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है. 2018-19 में चीनी अर्थव्यवस्था में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2017-18 में चीन की विकास दर 6.9 प्रतिशत दर्ज की गई थी जो भारत की विकास दर 6.7 प्रतिशत के कुछ अधिक थी. इसके मुताबिक तब वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और नोटबंदी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी देखने को मिली थी.