नरेंद्र मोदी सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के ख़िलाफ़ मज़दूर संघों द्वारा बुलाए गए दो दिवसीय ‘भारत बंद’ का बुधवार को दूसरा दिन है. इस दौरान पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से हिंसा की छिटपुट घटनाओं की ख़बरें आई हैं.

समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार हावड़ा जिले में स्कूल बसों पर पथराव किया गया. वहीं कूचबिहार जिले में बंद समर्थकों ने ऑटो पर पथराव किया. इसके बाद ऑटो चालकों ने अपनी सेवाएं बंद कर दीं. दक्षिणी कोलकाता के जादवपुर में एक बस स्टैंड पर रैली निकालने की वज़ह से बुधवार को वरिष्ठ माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) नेता सुजान चक्रवर्ती को पुलिस ने फिर हिरासत में ले लिया. उन्हें मंगलवार को इसी वज़ह से हिरासत में लिया गया था. लेकिन शाम को रिहा कर दिया गया था.

ख़बरों के मुताबिक केरल में बंद की वज़ह से परिवहन सेवाएं बाधित हुई हैं. मुंबई में रोज आने-जाने वालों पर दोहरी मार पड़ी है. यहां बेस्ट (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) के कर्मचारी भी बुधवार को हड़ताल पर हैं. इसलिए बेस्ट की बसें नहीं चलीं और तमाम लोगों को परेशानियाें का सामना करना पड़ा. भारत बंद की वज़ह से देश के कई हिस्सों में बैंकिंग और डाक सेवाओं पर भी उल्टा असर हुआ है. हालांकि यह असर आंशिक बताया जाता है पर इससे भी आम लोगों को परेशानी हुई है.

मोदी सरकार की नीतियों को श्रमविरोधी बताते हुए केंद्र से जुड़े लगभग सभी स्वतंत्र मज़दूर संगठन इस भारत बंद का समर्थन कर रहे हैं. इनमें बैंक, बीमा, दूरसंचार आदि सेवाओं से जुड़े संगठन शामिल हैं. इन संगठनों का दावा है कि पूरे देश से बंद को सक्रिय समर्थन मिल रहा है. यह लोगों में सरकार की नीतियों के प्रति पैदा हुए गुस्से का प्रतीक है.