संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा. बुधवार को यह फैसला संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीपीए) ने किया. खबरों के मुताबिक इसी दौरान पहली फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश करेंगे. आगामी वित्तीय वर्ष का पूर्ण बजट इसी साल होने वाले आम चुनाव के बाद गठित होने वाली नई सरकार पेश करेगी.

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का कार्यकाल इसी साल मई में पूरा होने जा रहा है. नई सरकार के गठन के लिए अप्रैल-मई के दौरान आम चुनाव होने हैं. परंपरा के मुताबिक आम चुनाव के साल में सरकार पूर्ण बजट न पेश करके अंतरिम बजट ही पेश करती है जिससे कि सरकार बजट घोषणाओं के जरिये कोई राजनीतिक फायदा न उठा सके.

ऐसे में माना जा रहा है कि अरुण जेटली प्रत्यक्ष करों में सीधी छूट संबधी कोई घोषणा न करके नौकरी-पेशा वर्ग को लुभाने के लिए कुछ दूसरे ऐलान जरूर कर सकते हैं. इसके अलावा आयात, उत्पाद और सेवा कर में भी उनकी तरफ से कुछ राहत दिए जाने की उम्मीद है.