आर्थिक रूप से कमज़ोर सवर्णों को सरकारी नौकरियों में 10 फ़ीसदी आरक्षण देने के लिए लाया गया बिल बुधवार को राज्य सभा में पास हो गया. बिल के समर्थन में 165 वोट और विरोध में महज सात वोट पड़े. इससे पहले भाजपा ने अपने सभी सांसदों को राज्य सभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया था. उसने राज्यसभा में इस बिल को पास करवाने के लिए शीत सत्र की कार्यवाही का एक दिन बढ़वा दिया था.

बीते सोमवार को ही केंद्रीय कैबिनेट ने इस संशोधन को मंज़ूरी दी थी. गरीब सवर्णों के लिए 10 फ़ीसदी का यह आरक्षण 50 फ़ीसदी की सीमा से अलग होगा. माना जा रहा है कि मोदी सरकार ने ये क़दम भाजपा से नाराज़ चल रहे सवर्णों के एक बड़े धड़े को लुभाने के लिए उठाया है.