‘अगर कांग्रेस केंद्र की सत्ता में आई तो देशभर के किसानों का कर्ज माफ होगा.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात जयपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा, ‘मैं समझता हूं कि किसानों की समस्याओं का हल सिर्फ कर्जमाफी से नहीं हो सकता. लेकिन यह कदम उन्हें शुरुआती राहत देने के लिए उठाया जाएगा.’ राहुल गांधी के मुताबिक किसानों की समस्याएं पूरी तरह खत्म करने के लिए देश में एक और ‘हरित क्रांति’ लाए जाने की जरूरत है.

‘आगामी आम चुनाव में बीजू जनता दल विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगा.’  

— नवीन पटनायक, बीजू जनता दल के प्रमुख

नवीन पटनायक ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से समान दूरी बनाकर रखना हमारी नीति रही है. हम भविष्य में भी इसी नीति पर चलेंगे.’ नवीन पटनायक ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘महागठबंधन’ से भी बीजू जनता दल (बीजेडी) कोई गठजोड़ नहीं करेगी.


‘एनडीए सरकार ने बिना किसी के अधिकारों में कटौती किए सवर्ण गरीबों को उनका हक दिया है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात आगरा में एक रैली को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ उन्होंने कहा कि देश का कोई वर्ग शिक्षा व रोजगार के अवसरों से वंचित न रहे इसी को देखते हुए सरकार ने यह व्यवस्था की है. नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ‘कुछ लोग कह रहे हैं कि सरकार ने आगामी आम चुनाव को देखते हुए यह फैसला किया है. लेकिन यही विधेयक अगर हम तीन महीने पहले लाते तो विपक्षी दल इसे पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के साथ जोड़कर देखते.’


‘आतंकवाद युद्ध की एक नई शैली बनता जा रहा है’  

— जनरल बिपिन रावत, थलसेना प्रमुख

जनरल बिपिन रावत ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही. उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध का यह नया तरीका ‘कई सिर वाले राक्षस’ की तरह अपने पैर पसार रहा है. उनके मुताबिक, ‘यह समस्या तब तक बनी रहेगी, जब तक कुछ देश तय रणनीति के तौर इसे प्रायोजित करना बंद नहीं करते.’ जनरल रावत ने आगे कहा कि मौजूदा समय में सोशल मीडिया के जरिये भी युवाओं को पथभ्रष्ट किया जा रहा है और यही वजह है कि अच्छे-खासे पढ़े-लिखे युवा आतंकवाद की तरफ बढ़ते देखे जा रहे हैं.


‘सवर्ण आरक्षण विधेयक दिखाता है कि सरकार इस मामले में भ्रमित है.’  

— अमर्त्य सेन, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री

अमर्त्य सेन ने यह बात सवर्ण आरक्षण विधेयक को लेकर कही है. उनके मुताबिक, ‘अगर देश की सारी आबादी को आरक्षण के दायरे में ले आया जाता है तो यह इस व्यवस्था को खत्म करने जैसा होगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि इस कानून का मसौदा भी इसके राजनीतिक और आर्थिक प्रभावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अमर्त्य सेन ने सवर्ण आरक्षण विधेयक को सरकार की ‘अस्पष्ट सोच’ भी बताया है.