केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक आलोक वर्मा ने अपने करीबी अधिकारियों को वापस बुला लिया है. केंद्र सरकार द्वारा अक्टूबर में आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के बाद अंतरिम निदेशक बनाए गए एम नागेश्वर राव ने इन अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद बुधवार को फिर सीबीआई निदेशक का पद संभालने वाले वर्मा ने इन अधिकारियों को ‘तत्काल प्रभाव’ से बहाल कर दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि आलोक वर्मा ने जिन अधिकारियों की बहाली कराई है, उनमें गुजरात कैडर के अधिकारी एके शर्मा की वापसी खास बताई जा रही है. वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद शर्मा का ट्रांसफर मल्टी डिसिप्लिनरी मॉनिटरिंग एजेंसी में कर दिया गया था. अब उन्हें सीबीआई के संयुक्त निदेशक (पॉलिसी) के पद पर बहाल किया गया है.

एके शर्मा के अलावा डीआईजी अनीश प्रसाद, डीआईजी एमके सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसएस गुर्म और उप-पुलिस अधीक्षक एके बस्सी व अश्वनी गुप्ता की भी सीबीआई में वापसी कराई गई है. इन सभी अधिकारियों को अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर कर दिया था. इनमें से डीआईजी एमके सिन्हा ने बीते नवंबर में आरोप लगाया था कि सरकार के मुख्य सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सीबीआई के उप-निदेशक राकेश अस्थाना से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं. गौरतलब है कि इनमें से ज्यादातर अधिकारी अस्थाना के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रहे थे.

इस बीच आलोक वर्मा के भविष्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनाई गई उच्चाधिकार समिति ने बैठक की. इसमें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एके सीकरी और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में हिस्सा लिया. अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि समिति सदस्यों को एजेंडा के बारे में नहीं बताया गया. वहीं, जस्टिस सीकरी का कहना था कि आगे की बातचीत के लिए उचित दस्तावेजों की जरूरत है. इसके बाद उन्हें सीवीसी की उस रिपोर्ट की कॉपी दी गई जिसके आधार पर सरकार ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेज दिया था. हालांकि बैठक में कुछ तय नहीं हो पाया, जिसके बाद आज चार बजे के आसपास एक और बैठक तय की गई है.