केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से आगामी लोक सभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक और कदम. केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में गुरुवार को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद की बैठक हुई. इसमें छोटे और मंझोले कारोबारियों के लिए जीएसटी में छूट की सीमा बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है.

ख़बरों के मुताबिक अब ऐसे कारोबारी जिनका सालाना कारोबार (टर्नओवर) 40 लाख रुपए तक का है, उन्हें जीएसटी से छूट मिलेगी. पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के ऐसे कारोबारियों को छूट के लिए सालाना कारोबार की सीमा 20 लाख रुपए कर दी गई है. पहले ये सीमाएं क्रमश: 20 और 10 लाख रुपए थीं. जानकारों के मुताबिक सरकार ने यह फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि नवंबर-2016 में हुई नोटबंदी से छोटे-मंझोले कारोबारियों को सबसे ज़्यादा परेशानी हुई थी.

इसके अलावा जीएसटी परिषद ने कंपोज़ीशन स्कीम में भी कारोबारियों को राहत दी है. अब इस योजना के तहत सालाना टर्नओवर की अधिकतम सीमा एक से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपए कर दी गई है. सालाना 50 लाख रुपए तक टर्नओवर वाले सेवा प्रदाता (सर्विस प्रोवाइडर) भी छह फ़ीसदी की दर से कंपोज़ीशन स्क्रीम का लाभ ले सकेंगे. हालांकि इस योजना का लाभ लेने वालों को हर तीन महीने में टैक्स जमा कराना होगा. अलबत्ता वे रिटर्न सालाना भर सकेंगे.

जीएसटी परिषद ने केरल सरकार को भी एक फ़ीसदी आपदा उपकर वसूलने की इजाज़त दी है. यह उपकर अंतरराज्यीय ख़रीद-फ़रोख़्त पर लिया जा सकेगा. वह भी आने वाले दो साल तक. बीते साल मानसून के दौरान केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के मद्देनज़र राज्य को यह राहत दी गई है. ताकि उस प्राकृतिक आपदा से हुए आर्थिक नुक़सान की भरपाई हो सके.