दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य में पार्टी की कमान सौंप दी है. खबरों के मुताबिक कांग्रेस ने उन्हें अपनी दिल्ली इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने कहा है कि शीला दीक्षित के अलावा देवेंद्र यादव, राजेश लिलोठिया और हारून यूसुफ दिल्ली के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाएंगे.

इससे पहले इसी महीने की चार तारीख को अजय माकन ने दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया था. तब उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था. इधर, शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर उन्होंने एक ट्वीट के जरिये पूर्व मुख्यमंत्री को बधाई दी है. इस ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा है, ‘उनके अधीन मुझे संसदीय सचिव व कैबिनेट मंत्री के रूप में काम करके सीखने का सुअवसर मिला. मुझे विश्वास है कि शीला जी की अगुवाई में हम मोदी व केजरीवाल सरकारों के विरोध में एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएंगे.’

खबरों के मुताबिक अजय माकन ने ऐसे समय पर इस्तीफा दिया था जब आगामी आम चुनाव को लेकर कांग्रेस व आम आदमी पार्टी (आप) के बीच गठबंधन की अटकलें लग रही थीं. साथ ही यह भी कहा जाता है कि अजय माकन इस गठजोड़ के पक्ष में नहीं थी. उनका कहना था कि बीते कुछ समय में दिल्ली से आप की पकड़ कमजोर हुई है. हालांकि बीते दिनों आप ने भी स्पष्ट किया था कि अगले लोकसभा के चुनाव में वह कांग्रेस के साथ कोई गठजोड़ नहीं करेगी.

इधर, एक बार फिर दिल्ली की प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका में लौटीं अस्सी वर्षीय शीला दीक्षित के लिए दिल्ली की राजनीति कोई नई नहीं है. इससे पहले अपने प्रशासन, बड़े पैमाने पर ​विकास परियोजनाओं, मेट्रो रेल और स्वच्छ पर्यावरण जैसे कामों की वजह से वे 1998 से 2013 के बीच लगातार तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. उन्हें सौंपी गई ताजा जिम्मेदारी को लोकसभा के आगामी चुनाव के साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है.