पूर्व आरएसएस विचारक केएन गोविंदाचार्य ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में अयोध्या मामले की सुनवाई के सीधे प्रसारण की मांग की. ‘सेंटर फॉर अकाउंटैबिलिटी एंड सिस्टेमेटिक चेंज’ के गोविंदाचार्य और वरिष्ठ अधिवक्ता केजी गुप्ता ने कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा को इस बारे में एक पत्र लिखा है. पत्र में अनुरोध किया गया है कि सरकार अयोध्या मामले की अगली सुनवाई से पहले यह सुनिश्चित करें कि देश के सभी नागिरक इसे देख सकें.

पत्र में लिखा गया है, ‘प्रधानमंत्री सहित पूरा देश इस मामले के जल्द सुलझने को व्यग्र है. पिछले आठ वर्षों से मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है. कई पक्षों की ओर से सुनवाई विलंबित करने के अनगिनत प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके बारे में देश को जानना चाहिए.’ पत्र में उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय और संवैधानिक महत्व के मामलों में अदालत की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की इजाजत दी जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद की अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी. शीर्ष अदालत ने यह निर्णय तब किया जब पीठ के सदस्यों में से एक न्यायमूर्ति यूयू ललित ने स्वयं को मामले की सुनवायी से अलग कर लिया.