मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच चला आ रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस गतिरोध के कारण अमेरिकी संसद में धन विधेयक अटका पड़ा है. इसकी वजह से वहां के सरकारी दफ्तरों का कामकाज पिछले कई हफ़्तों से ठप पड़ा है. इसके साथ ही यहां के कर्मचारियों को वेतन-भत्ते तक नहीं मिल पा रहे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वे किसी ऐसे धन विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जिसमें मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने के लिए पांच अरब डॉलर की व्यवस्था न की गई हो. जबकि निचले सदन में बहुमत वाली डेमोक्रेटिक पार्टी इसके लिए तैयार नहीं है. उसका कहना है कि सीमा पर दीवार बनाना सही नहीं है.

इस मुद्दे को लेकर कई जानकार डेमोक्रेटिक पार्टी के विरोध पर सवाल उठाते हैं. इनका मानना है कि मेक्सिको की सीमा के जरिये जिस तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता है, उसे देखते हुए दीवार बनाना गलत नहीं है. एक रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों द्वारा अमेरिका में घुसने की सबसे ज्यादा कोशिशें मैक्सिको की सीमा से ही की जाती हैं. और यहीं से अमेरिका में सबसे ज्यादा नशीली दवाएं भी भेजी जाती हैं. बीते महीने अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसी ने संसद को बताया था कि मैक्सिको सीमा से हर रोज अवैध रूप से अमेरिका में घुसने वालों की संख्या हजारों में रही है. वहीं दिसंबर में ऐसा करते हुए एक दिन में तीन हजार लोगों की गिरफ्तारी का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा.

दीवार के विरोध के पीछे की राजनीति

कई अमेरिकी पत्रकार डेमोक्रेट्स के विरोध को राजनीति से प्रेरित भी बताते हैं. इनके मुताबिक अगर डोनाल्ड ट्रंप दीवार बनवा देते हैं तो यह डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा. दरअसल, अमेरिका में प्रवासियों का अधिकांश वोट डेमोक्रेटिक पार्टी को ही जाता है. एक आम राय है कि जो भी प्रवासी अमेरिका आते हैं, वे डेमोक्रेट्स की नरम नीतियों के चलते उन्हें ही तरजीह देना पसंद करते हैं. ऐसे में दीवार बनना डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए घाटे का सौदा है.

इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि ट्रंप पहले दिन से ही जिस तरह से अपने चुनावी वादे पूरे करने में लगे हैं, उससे डेमोक्रेटिक पार्टी खासा परेशान है. यह एक बड़ी वजह है जिसके चलते लाख आलोचनाओं के बाद भी ट्रंप की अपने वोटरों पर पकड़ बनी हुई है. मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने को लेकर किए गए एक हालिया सर्वेक्षण में भी सामने आया है कि ट्रंप को वोट देने वाले 85 फीसदी से ज्यादा लोग इस मामले पर उनके साथ खड़े हैं. मेक्सिको सीमा पर दीवार बनाना डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बड़ा चुनावी वादा था. ऐसे में डेमोक्रेटिक पार्टी को लगता है कि दीवार बनने के बाद उनकी लोकप्रियता में भारी इजाफा होगा जिसका फायदा वे अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उठाएंगे.

डेमोक्रेट्स के तर्क भी लोगों के गले नहीं उतर रहे

डेमोक्रेटिक पार्टी की वरिष्ठ नेता और निचले सदन में स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने हाल ही में दीवार का विरोध करते हुए कहा, ‘मेरा मानना है कि सीमा पर दीवार बनाना सबसे महंगा, अनैतिक और सीमा को सुरक्षित करने का एक बेहद कमजोर तरीका है. मुझे समझ नहीं आता कोई कैसे इसे अच्छा बता सकता है....जब तक कि इसे बनाने के पीछे कोई और मकसद न छिपा हुआ हो.’

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं द्वारा दिए जा रहे ये तर्क भी लोगों के गले नहीं उतर रहे हैं. साथ ही इन तर्कों से उनकी मंशा पर भी शक होता है. जानकार कहते हैं कि दुनियाभर में जिस तरह से अमेरिका अपना पैसा खर्च करता है, उसे देखते हुए दीवार के लिए पांच अरब डॉलर कोई बड़ी राशि नहीं है.

कुछ जानकार यह भी कहते हैं कि ट्रंप 30 फीट से भी ज्यादा ऊंची दीवार बनाने की बात कह रहे हैं, साथ ही कई जगह चेकिंग पांइट्स भी बनाए जाएंगे. ऐसे में दीवार को अवैध प्रवासियों को रोकने के लिहाज से कारगर न मानना तार्किक नहीं लगता. ये लोग एक और बात भी बताते हैं. इनके मुताबिक 2006 में बराक ओबामा, हिलेरी क्लिंटन और चेक शूमर, जो इस समय दीवार के सबसे बड़े विरोधी हैं, ने मेक्सिको की सीमा सुरक्षित करने के लिए केवल 18 फीट ऊंची लोहे की नुकीली बाड़ लगाने के पक्ष में मतदान किया था, जबकि वह तरीका तो 30 फीट ऊंची दीवार के मुकाबले कहीं कम कारगर है.

संसद के निचले सदन में आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के अध्यक्ष और डेमोक्रेटिक सांसद एडम स्मिथ सहित कई नेता दीवार के अनैतिक होने का कारण बताते हुए कहते हैं कि इसके बनाने के विचार की बुनियाद में प्रवासियों के प्रति दुराग्रह और नस्लभेद की भावना मौजूद है.

अमेरिकी पत्रकार डेविड हरसानी अपनी एक टिप्पणी में स्मिथ की बात पर दलील देते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासियों के प्रति सोच को देखते हुए इस डेमोक्रेटिक नेता का यह तर्क अपनी जगह पर सही हो सकता है. लेकिन दीवार बनाने या न बनाने की चर्चा में इसे शामिल नहीं किया जा सकता. क्योंकि दीवार बनाने का एकमात्र मकसद अपने देश की सीमा को सुरक्षित करना, अवैध प्रवासियों और गैरकानूनी काम को रोकना है.