केंद्र सरकार द्वारा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए लाए गए आरक्षण के दायरे में कौन लोग आएंगे, यह अभी तय नहीं हुआ है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक आठ लाख रुपये से कम आय और पांच एकड़ जमीन होने संबंधी मानदंडों पर अंतिम निर्णय लिया जाना अभी बाकी है. अखबार के मुताबिक सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने बताया कि विधेयक में शामिल ये शर्तें अभी विचाराधीन हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक विधेयक के नियम तय किए जाने के समय इन दोनों शर्तों में बदलाव किया जा सकता है. केंद्रीय मंत्री से पूछा गया था कि आठ लाख रुपये की आय सीमा तय करके क्या ज्यादा उदारता नहीं दिखाई गई. इस पर थावरचंद गहलोत ने कहा, ‘आठ लाख रुपये की आय और पांच एकड़ जमीन व अन्य मानदंडों पर अभी विचार चल रहा है. यह अंतिम मानदंड नहीं है. इसमें थोड़ा बहुत कम-ज्यादा हो सकता है.’

इससे पहले थावरचंद गहलोत ने आठ लाख रुपये की आय सीमा और पांच एकड़ जमीन संबंधी शर्तों के लिए अन्य पिछड़े वर्ग को मिले आरक्षण के नियमों का हवाला दिया था. उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज के लिए क्रीमी लेयर आठ लाख रुपये है, इसलिए सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के लिए इस मौजूदा नियम को आधार बनाया गया. हालांकि अब उन्होंने इस मामले में बदलाव के संकेत दिए हैं. कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार एक हफ्ते के अंदर ये नियम तय कर सकती है. उसने राज्य सरकारों को भी अपने मानदंड तैयार करने को कहा है. थावरचंद गहलोत ने कहा, ‘हम देखेंगे कि राज्य सरकारें किस तरह के नियम बनाती हैं. उन्हें (नियम) भी (केंद्र सरकार द्वारा) विचार के लिए लाया जा सकता है.’