दिल्ली के रामलीला मैदान पर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार से शुरू हुई. बताया जाता है कि भााजपा के इतिहास में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की यह अब तक की सबसे बड़ी बैठक है. इसमें मंडल स्तर तक के करीब 12,000 कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन किया. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को समापन भाषण देंगे. इस बैठक से पार्टी अपने ‘मिशन-2019’ (लोक सभा चुनाव में जीत) का आगाज़ करेगी. इस दौरान देशभर से जुटे पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत के नुस्ख़े बताए जाएंगे. उन्हें बताया जाएगा कि वे जब चुनाव प्रचार के लिए उतरें तो लोगों को बताएं कि कैसे सरकार ने अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े, मुस्लिम और महिला वर्गों के लिए काम किया है. भ्रष्टाचारमुक्त शासन दिया है.

कार्यकर्ताओं को यह भी बताया जाएगा कि नरेंद्र मोदी सरकार के ख़िलाफ़ विपक्षी दलों के हमलों का ज़वाब कैसे देना है. ख़ास तौर पर रफाल लड़ाकू विमानों की ख़रीद और किसानों के मसले पर. बैठक में तीन प्रस्ताव पारित किए जा सकते हैं. इसमें आर्थिक और राजनीतिक प्रस्ताव शामिल हैं. सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को 10 फ़ीसदी आरक्षण के बंदोबस्त के लिए संविधान संशाेधन करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है.

सूत्र बताते हैं कि बैठक में किसानों के मसले का ख़ास तौर पर उल्लेख किया जाएगा. अलबत्ता राम मंदिर निर्माण के मसले पर भाजपा में कोई भी कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है. बताया जाता है कि रामलीला मैदान पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अस्थायी कार्यालय भी बनाया जा रहा है. क्याेंकि वे बैठक के दौरान अधिकांश समय यहां मौज़ूद रहने वाले हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी पूरे समय आयोजन स्थल पर ही रहेंगे. इसलिए उनका अस्थायी कार्यालय भी वहीं स्थापित किया जा रहा है.