‘लोकसभा का अगला चुनाव एक तरह का वैचारिक युद्ध है.’  

— अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष

अमित शाह ने यह बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अधिवेशन में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कही. उन्होंने यह भी कहा, ‘इस युद्ध (चुनाव) का असर कई सदियों तक पड़ेगा. इसलिए इसे जीतना आवश्यक है.’ विपक्षी दलों के गठबंधन को ढकोसला बताते हुए उन्होंने आगे कहा कि ये दल सिर्फ सत्ता पाने के लिए एकजुट हो रहे हैं और उनके पास ‘न नेता है और न नीति’ जबकि भाजपा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को बढ़ाने का काम कर रही है. इस मौके पर अमित शाह ने कांग्रेस को राम मंदिर के निर्माण का ‘रोड़ा’ भी बताया.

‘सवर्ण गरीबों के लिए दस फीसदी आरक्षण की व्यवस्था संविधान के अनुरूप है.’  

— अरुण जेटली, केंद्रीय वित्त मंत्री

अरुण जेटली ने यह बात एक फेसबुक पोस्ट के जरिये कही है. इसी पोस्ट में उन्होंने गरीबी को ‘धर्मनिरपेक्ष मापदंड’ कहते हुए लिखा है कि किसी भी धर्म या समुदाय का व्यक्ति गरीब हो सकता है. गरीबी के आधार पर आरक्षण देना किसी तरह से संविधान के मूल ढांचे के विपरीत नहीं हो सकता. सवर्ण आरक्षण को लेकर अरुण जेटली ने कांग्रेस पर खोखली बातें करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि संसद में कांग्रेस ने इस संविधान संशोधन विधेयक का बेमन से समर्थन किया था.


‘मैं आपके बीच मन की बात करने नहीं बल्कि आपकी बातें सुनने आया हूं.’  

— राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

राहुल गांधी ने यह बात संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में भारतीय कामगारों से बातचीत करते हुए कही. इस दौरान उन्होंने आगे कहा, ‘मैं यहां आप लोगों की समस्याएं जानने और आपको अपना साथ देने का भरोसा जताने के लिए आया हूं. आप लोगों ने इस देश और शहर को नया रूप देकर हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है.’ इस मौके पर राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आगामी आम चुनाव में अगर कांग्रेस की सरकार बनी तो वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी.


‘केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच भला कौन करेगा!’  

— अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष

अखिलेश यादव ने यह बात केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में चल रही तकरार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कही है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि बीते दिनों सीबीआई के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने एक-दूसरे पर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए थे और ऐसे में अब उन आरोपों की जांच भला कौन करेगा. अखिलेश यादव ने आगे कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आज सीबीआई का गलत इस्तेमाल कर रही है. उसके नेताओं को भी भविष्य में ऐसी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.’


‘पाकिस्तान की तरफ से दिए जाने वाले शांति प्रस्तावों में कोई गंभीरता नहीं है.’  

— रवीश कुमार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

रवीश कुमार ने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के एक बयान पर कही है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से आतंकवाद और आतंकी संगठनों को ‘स्पष्ट समर्थन’ दिया जाना जारी है. ऐसे में बातचीत शुरू करने से पहले उसे आतंकवाद रोकने की दिशा में प्रयास करके दिखाना चाहिए. इससे पहले इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान के शांति प्रयासों को लेकर भारत ‘गंभीरता’ नहीं दिखा रहा है.