उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन के ऐलान के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से पहली प्रतिक्रिया आई है. राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, ‘गठबंधन हो या महागठबंधन, हम (भाजपा) 2014 से बेहतर प्रदर्शन (उत्तर प्रदेश में) करेंगे.’ उन्होंने यह भी कहा कि यह ‘गठबंधन (सपा-बसपा का) भ्रष्टाचार, अराजकता और राजनीतिक अस्थिरता के लिए है.’

योगी ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘वे जो पहले एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं देखते थे, आज साथ आ रहे हैं. ऐसे में भाजपा के ख़िलाफ़ इस तरह का कोई भी गठबंधन या महागठबंधन अराजकता और राजनीतिक अस्थिरता ही लाएगा.’ ग़ौरतलब है कि शनिवार को ही सपा-बसपा ने उत्तर प्रदेश की 38-38 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. उन्हाेंने राज्य की 80 में दो सीटें कांग्रेस के लिए (रायबरेली और अमेठी) तथा दो अपने गठबंधन के सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं.

राजनीति के जानकारों के अनुसार सपा-बसपा का यह गठबंधन आगामी लोक सभा चुनाव में भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है. इन दोनों दलों ने पूर्व में मिलकर गोरखपुर और फूलपुर लोक सभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त दी थी. जबकि गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और फूलपुर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की सीट थी. इसीलिए योगी चिंतित हों न हों, भाजपा ज़रूर सपा-बसपा के साथ आने से परेशान बताई जाती है. क्योंकि 2014 में उत्तर प्रदेश से जीती 72 सीटों ने केंद्र में भाजपा की सरकार बनवाने में अहम भूमिका निभाई थी. जबकि अब यह प्रदर्शन दोहराने पर संशय पैदा हो गया है.