प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में समापन भाषण देते हुए कहा, ‘देश को इस समय मज़बूत सरकार की ज़रूरत है. लेकिन विपक्षी दल मज़बूर सरकार देने की कोशिश कर रहे हैं.’ उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से अधिक ज़ोर लगाने की अपील की ताकि केंद्र में मज़बूत सरकार बनी रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पूर्व में कई बार असफल हो चुके प्रयास इन दिनों फिर हो रहे हैं. इसे महागठबंधन कहा जा रहा है. वे (विपक्षी दल) नहीं चाहते कि देश में मज़बूत सरकार रहे क्योंकि इससे उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी. इसलिए वे मिलकर मज़बूर सरकार बनाना चाह रहे हैं. ताकि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दिया जा सके. जबकि हम देश में मज़बूत सरकार चाहते हैं. ताकि सबके साथ सबका विकास होता रहे.’

नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भाजपा के शासनकाल ने यह साबित किया है कि देश में भ्रष्टाचारमुक्त शासन भी हो सकता है. देश के इतिहास में यह पहली बार है जब मौज़ूदा सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी धब्बा नहीं है. जबकि इससे पहले की सरकार ने देश को अंधेरे में धकेल दिया था. मैं ज़्यादा ग़लत नहीं कहलाऊंगा अगर ये कहूं कि पूर्ववर्ती सरकार के शासनकाल (2004 से 2014) में देश ने इसी भ्रष्टाचार की वज़ह से अपने 10 बेशकीमती साल गवां दिए.’

प्रधानमंत्री ने टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) जैसी उन पार्टियों को भी आड़े हाथ लिया जो अब कांग्रेस के साथ गठबंधन कर रही हैं. उन्होंने कहा, ‘जो क्षेत्रीय दल कांग्रेस विरोध से ही पैदा हुए. अब तक हमेशा कांग्रेस के भ्रष्टाचार का विरोध करते रहे. जो कांग्रेस का विकल्प बन रहे थे. वही अब लोगों का भरोसे को तोड़ रहे हैं.’ बताते चलें कि टीडीपी की स्थापना कांग्रेसविरोध की नींव पर हुई. साढ़े तीन दशक तक वह इस पर टिकी रही. लेकिन अब कांग्रेस के साथ है.