आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और अधिवक्ता एचएस फूल्का ने भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगा दिया है. हालांकि, उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ अपनी नजदीकियां स्वीकार की हैं.

पीटीआई के मुताबिक वरिष्ठ अधिवक्ता ने रविवार को संवाददाताओं से कहा, ‘सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए संघर्ष में भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा हम लोगों का समर्थन किया है. मैं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिला और उन्होंने मेरे रूख का समर्थन किया....लेकिन मैं किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो रहा हूं.’

इससे रविवार को केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने सिख विरोधी दंगा पीड़ितों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए एचएस फूल्का को सम्मानित किया था. इस दौरान गोयल का कहना था कि भाजपा के दरवाजे सभी अच्छे लोगों के लिए खुले हैं. इसके बाद से ही फूल्का के जल्द भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं.

एचएस फूल्का ने इस महीने की शुरूआत में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने इसका कोई कारण नहीं बताया था और पंजाब में गैर सरकारी संगठन चलाने की इच्छा जाहिर की थी. लेकिन माना जा रहा है कि वह आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच किसी प्रकार के गठजोड़ के भी खिलाफ थे. कुछ सूत्रों ने यह भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिये जाने की मांग पर आप के रुख से भी फूल्का नाराज थे.