अमेरिका में ठप पड़ा सरकारी कामकाज रविवार बीतने के साथ ही इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बंद बन गया है. खबरों के मुताबिक हर गुजरते दिन के साथ विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पीटीआई के मुताबिक अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अमेरिका में 1976 के बाद से अब तक 21 बार सरकारी कामकाज ठप पड़ चुका है. लेकिन, कभी आर्थिक वृद्धि पर उसका कोई खास असर देखने को नहीं मिला. इस बार बंदी की अवधि बढ़ जाने के चलते इसका आर्थिक वृद्धि पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.

‘एस एंड पी ग्लोबल’ रेटिंग्स के प्रमुख और अमेरिकी अर्थशास्त्री बेथ एन बोविनो ने का कहना है कि करीब एक चौथाई संघीय कार्यालय बंदी के चलते प्रभावित हैं और इससे अर्थव्यवस्था को हर हफ्ते करीब 1.2 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है. उनका यह भी कहना है कि अगर कामकाज और ज्यादा दिनों तक ठप रहता है तो ये आंकड़े बढ़ सकते हैं.

अमेरिका में सरकार को पैसा न मिलने के कारण सरकारी दफ्तरों में कामकाज तीन हफ्ते से ठप पड़ा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह अवरोध तभी खत्म होगा जब अमेरिकी सांसद मैक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने के लिए आर्थिक मदद को मंजूरी देंगे. उनके मुताबिक जब तक दीवार के बजट को मंजूरी नहीं मिलती तब तक वे सरकार के खर्च संबंधी बजट पर दस्तखत नहीं करेंगे. ट्रंप का कहना है कि देश में अवैध तौर पर प्रवेश करने वालों को रोकने के लिए इस दीवार का बनना जरूरी है.

उधर, निचले सदन में बहुमत वाली डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद दीवार के लिए पांच अरब डॉलर के बजट को अनुमति देने से साफ़ इनकार कर रहे हैं. इनका कहना है कि दीवार बनाने की योजना आव्रजन समस्या को और जटिल बना देगी.