सबरीमला मंदिर में सभी महिलाओं को प्रवेश की इजाजत देने की पैरवी करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वे इस मुद्दे पर ‘स्पष्ट’ रुख अख्तियार नहीं कर सकते हैं, क्योंकि दोनों पक्षों के तर्कों में दम है. राहुल गांधी अपने दुबई दौरे के दौरान यह बात कही. शनिवार को वहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सबरीमला मुद्दा ‘और अधिक जटिल’ है और वे इस मामले पर फैसला लेने की जिम्मेदारी केरल के लोगों पर छोड़ते हैं. यह कहते हुए राहुल गांधी ने माना कि सरीबमला पर उनका शुरुआती रुख आज से अलग था.

पीटीआई की खबर के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘मैंने दोनों पक्षों की बातें सुनी हैं. मेरा शुरुआती रुख आज के रुख से अलग था. केरल के लोगों की बात सुनने के बाद, मैं दोनों तर्कों में वैधता देख सकता हूं कि परंपरा का संरक्षण करने की जरूरत है. मैं इस तर्क में भी वैधता देख सकता हूं कि महिलाओं को समान अधिकार मिलने चाहिए. इसलिए, मैं इस मुद्दे पर आपको अपना स्पष्ट रुख नहीं बता पाऊंगा.’

राहुल ने आगे कहा, ‘मैंने केरल के लोगों और (केरल) कांग्रेस कमेटी की टीम से बात की और उन्होंने मुझे इसका विवरण समझाया. इसके बाद मुझे एहसास हुआ कि मुद्दा कहीं ज्यादा जटिल है और दोनों पक्षों का रुख वैध है. मैं इस पर निर्णय करने की जिम्मेदारी लोगों पर छोड़ता हूं.’ गौरतलब है कि सबरीमला मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, गांधी ने कहा था कि सभी महिलाओं को इस मंदिर में जाने की अनुमति होनी चाहिए. उस समय उनका यह विचार कांग्रेस की केरल इकाई के नजरिए से अलग था.