मुंबई हमले के साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को जल्द से जल्द अमेरिका से भारत लाने की कोशिशें की जा रही हैं. पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा बीते नौ साल से अमेरिका की एक जेल में सजा काट रहा है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि राणा को उसकी सजा पूरी होने पर भारत लाया जाएगा. वहीं, संभावना यह भी है कि ऐसा उससे पहले ही हो जाए. फिलहाल प्रत्यर्पण के लिए भारत और अमेरिका के बीच औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.

एनडीटीवी के मुताबिक जांच एजेंसियां तहव्वुर राणा को मुंबई हमलों के आरोपों के तहत भारत नहीं ला रही हैं. वह अमेरिका में पहले ही इन आरोपों का दोषी ठहराया जा चुका है, और वहां के कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए दो बार सजा देने की मनाही है. ऐसे में भारत नई दिल्ली स्थित नेशनल डिफेंस कॉलेज और चाबड हाउस में हुए हमले की योजना में सक्रिय रूप से शामिल होने के आरोप के आधार पर राणा का प्रत्यर्पण कराने की कोशिश कर रहा है. यहां उस पर धोखाधड़ी का भी एक मामला दर्ज है.

मुंबई हमले की साजिश रचने के आरोप में तहव्वुर राणा को अमेरिका में 2009 में गिरफ्तार किया गया था. बाद में 2013 में उसे दोषी करार देते हुए 14 साल की सजा सुनाई गई थी. यह सजा दिसंबर, 2021 में पूरी होगी. भारत की कोशिश है कि इससे पहले ही राणा को यहां लाया जाए.

लेकिन यह इतना आसान नहीं है, क्योंकि दोनों तरफ की नौकरशाही और मंत्रालयों की अपनी-अपनी कागजी कार्रवाई है जिसके चलते प्रत्यर्पण की प्रक्रिया काफी जटिल मालूम पड़ रही है. हालांकि, अमेरिकी सरकार और एजेंसियां भारत के साथ काफी सहयोग कर रही हैं. खबर के मुताबिक वे नौकरशाही से संबंधित कागजी कार्रवाई को हटाने पर सहमत हो गए हैं.