सिख विरोधी दंगा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन की कुमार की याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली गई है. इस पर सोमवार को पहली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को नोटिस जारी किया है. जांच एजेंसी को छह सप्ताह के भीतर ज़वाब दाख़िल करने को कहा गया है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर भी सीबीआई से ज़वाब मांगा है. इस मामले की जांच सीबीआई ने ही की थी. ग़ौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बीते साल 17 दिसंबर को 73 वर्षीय सज्जन कुमार को बाकी बची हुई पूरी उम्र जेल में बिताने की सजा सुनाई थी. इसके बाद कुमार ने 31 दिसंबर को कड़कड़डूमा अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. फिलहाल वे जेल में हैं.

सज्जन कुमार को दिल्ली छावनी के राज नगर इलाके में एक-दो नवंबर, 1984 को पांच सिखों की हत्या करने और एक गुरुद्वारा जलाए जाने के मामले में दोषी ठहराया गया है. ये दंगे 31 अक्टूबर, 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दिए जाने के बाद भड़के थे.