जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में भारत विरोधी नारे लगाए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी है. खबरों के मुताबिक 1200 पन्नों की इस चार्जशीट में दस लोगों को मुख्य आरोपित बनाया गया है. इनमें जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के अलावा उमर खालिद, अनिर्बन भट्टाचार्य और सात अन्य कश्मीरी छात्र भी हैं. जेएनयू छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) नेता डी राजा की बेटी अपराजिता सहित अन्य 36 लोगों का नाम भी इसमें शामिल किया गया है.

दिल्ली पुलिस ने यह चार्जशीट वीडियो-मोबाइल फुटेज, फेसबुक पोस्ट, बैनर और पोस्टर के अलावा मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के आधार पर तैयार की है. आरोपितों के खिलाफ देशद्रोह, दंगा भड़काने, साजिश रचने और अवैध तरीके से एक जगह जमा होने जैसी धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

इस बीच कन्हैया कुमार ने कहा है, ‘अगर चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सही है तो मैं इसके लिए दिल्ली पुलिस और मोदी जी (प्रधानमंत्री) को धन्यवाद देता हूं. यह चार्जशीट घटना के तीन साल बाद व आम चुनाव से कुछ दिन पहले दखिल की जा रही है. इससे साफ पता चलता है कि यह राजनीति से प्रेरित है.’ कुमार ने आगे कहा, ‘मुझे अपने देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है.’

संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी के विरोध में नौ फरवरी 2016 को जेएनयू परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. उस दौरान छात्रों ने कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाए गए थे. तब उस मामले में कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने राजद्रोह का मामला दर्ज किया था. बाद में इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंप दी गई थी.